इंफाल, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। मणिपुर के कई हिस्सों में मंगलवार को आए बारिश और तूफान के कारण 2,000 से भी ज्यादा घर नष्ट हो गए। अधिकांश घरों की छतें टिन से बनी थीं।
पूर्वोत्तर क्षेत्र के कुछ अन्य राज्यों में भी इमारतों को क्षति पहुंचने की सूचना है।
मणिपुर से एक विधायक आई. इबोहांबी ने बताया, “मेरे विधानसभा क्षेत्र ओइनाम में 450 से भी ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।”
अन्य जिलों से भी ऐसी ही सूचनाएं मिल रहीं हैं।
राहत शिविरें सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं पहुंचाए जाने के कारण बेघरों को स्कूलों की इमारतों में शरण लेनी पड़ रही है।
कुछ परिवारों ने आईएएनएस को बताया कि अभी तक कोई सरकारी अधिकारी हालात का जायजा लेने नहीं पहुंचा है।
उन्होंने कहा, “खाने की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है।”
राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गो पर पेड़ गिरने के कारण कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। स्थानीय निवासियों ने ही गिरे पेड़ों को हटाकर सड़कों का रास्ता साफ किया।
असम की सीमा से सटे मणिपुर के जिरिबम शहर से मिली खबरों के मुताबिक, जिले में सोमवार और मंगलवार को हुई ओलावृष्टि से बड़ी संख्या में पक्षी मारे गए और घायल हो गए। कुछ ओले तो संतरों जितने बड़े थे। इनके कारण कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचा हैं।
तूफान के कारण तमेंगलोंग जिले में एक पुलिस स्टेशन और एक निरीक्षण बंगला भी क्षतिग्रस्त हो गया।
टिन और धारीदार शीट्स से बनी छतें उड़ने के कारण दर्जनों लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जिला प्रशासन सूत्रों ने कहा कि बुधवार शाम तक राज्य सरकार को घरों और फसलों को हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
मणिपुर के मुख्य सचिव ओइनाम नवकिशोर ने कहा कि जिला प्रशासन से आधिकारिक रिपोर्ट मिलते ही पीड़ितों को सभी जरूरी सहायता मुहैया करा दी जाएगी।
इसी बीच, बुधवार को कुछ पूवरेत्तर राज्यों में मौसम में थोड़ा सुधार हुआ है।
हालांकि बुधवार तक भारी बारिश और तूफान की संभावना व्यक्त की गई है।
इसी बीच, पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण इंफाल-म्यांमार ट्रांस-एशियन हाइवे की स्थिति बदतर हो गई है और भारी वाहनों की आवाजाही में परेशानी हो रही है।
चार जनवरी को आए भूकंप के कारण राजमार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। अभी तक इसकी पूरी मरम्मत नहीं हो पाई है।
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