काठमांडू, 23 नवंबर (आईएएनएस)। नेपाल के एक साल पुराने संविधान के खिलाफ लंबे समय से चल रहे मधेसी आंदोलन को एक उम्मीद की किरण दिखी है। सत्तारूढ़ सीपीएन(माओवादी सेंटर) और नेपाली कांग्रेस गठबंधन द्वारा पेश संविधान संशोधन विधेयक को मधेसी मोर्चा ने अपनी सहमति दे दी है।
काठमांडू, 23 नवंबर (आईएएनएस)। नेपाल के एक साल पुराने संविधान के खिलाफ लंबे समय से चल रहे मधेसी आंदोलन को एक उम्मीद की किरण दिखी है। सत्तारूढ़ सीपीएन(माओवादी सेंटर) और नेपाली कांग्रेस गठबंधन द्वारा पेश संविधान संशोधन विधेयक को मधेसी मोर्चा ने अपनी सहमति दे दी है।
इस बारे में सहमति सत्तारूढ़ गठबंधन और आंदोलन कर रहे माधेसी मोर्चा की यहां हुई संयुक्त बैठक में हुई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड ने की। मधेसी मोर्चा को यूनाईटेड मधेसी डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूएमडीएफ) के नाम से जाना जाता है।
सरकार ने संशोधन प्रस्ताव पर अंतिम प्रयास के तहत यूएमडीएफ के नेताओं को औपचारिक रूप से बैठक के लिए बुलाया था। मुख्य विपक्षी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत माओवादी-लेनिनवादी) के साथ इस प्रयास में नाकामी हाथ लगी थी।
मधेस समाजवादी पार्टी के महासचिव केशव झा ने बाद में कहा कि नेतागण दो दिनों के अंदर संशोधन को संसद में पेश करने पर सहमत हुए।
मुख्य विपक्षी दल सीपीएन-यूएमएल ने इस प्रस्ताव को राष्ट्र-विरोधी बताते हुए इसकी आलोचना की है और कहा कि यदि यह संशोधन पारित हुआ तो वह संसद में इसका विरोध करेगा और विरोध में सड़कों पर उतरेगा।
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