कटनी- मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बरही तहसील में ग्रामीणों के लिए जीवन रेखा मानी जाने वाली एक सड़क को कलेक्टर द्वारा ठेकेदार को लीज पर दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीणों की जनहित याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सार्वजनिक सड़क को किसी निजी कंपनी या व्यक्ति को सौंपना कानून का उल्लंघन है। कोर्ट ने राज्य सरकार, कटनी कलेक्टर और ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।
कोर्ट के निर्देश पर 10 नवंबर को कलेक्टर और ठेकेदार व्यक्तिगत रूप से पेश हुए थे। वहीं, राज्य सरकार की ओर से भी जवाब पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि बंद सड़क को तुरंत खोला जाए और भविष्य में इसे बंद नहीं किया जाए। इसके बाद संबंधित मार्ग को खोल दिया गया है।
यह मामला बरही तहसील के करौंदी खुर्द, कन्नौर और बिचपुरा गांवों से जुड़ा है। इन तीनों गांवों तक पहुंचने के लिए यह एकमात्र सड़क है जिसका उपयोग ग्रामीण कई वर्षों से करते आ रहे हैं। राजस्व रिकॉर्ड में भी यह रास्ता सार्वजनिक मार्ग के रूप में दर्ज है। हालांकि, 1 जुलाई 2025 को खनिज विभाग की रिपोर्ट के आधार पर कटनी कलेक्टर ने ग्राम कन्नौर स्थित खसरा नंबर 861 की लगभग 65 हेक्टेयर भूमि ठेकेदार तिलकराज ग्रोवर को सिर्फ 300 रुपए वार्षिक किराए पर लीज पर दे दी थी। इस जमीन का इस्तेमाल खनन के बाद गिट्टी और अन्य सामग्री डंप करने के लिए किया जा रहा था जिससे ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।
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