भोपाल, 22 जनवरी (आईएएनएस)। जानलेवा बीमारी एड्स का खतर अब बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है, गांव भी इससे अछूते नहीं रहे हैं। पीड़ितों के प्रति आमजन में भी सहयोग का भाव नहीं है। यही कारण है कि राज्य में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अब आमजन में एड्स पीड़ितों के प्रति सहयोग की भावना जगाएंगे।
आधिकारिक तौर पर गुरुवार को दी गई जानकारी में कहा गया है कि एड्स पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता और लोगों में जागरूकता लाने के लिए राजधानी भोपाल में 20 जिलों के आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान एचआईवी एड्स की जानकारी दी गई, एचआईवी एड्स से बचाव, मदद और देखभाल पर भी चर्चा हुई।
प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को बताया गया कि राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने नि:शुल्क जांच केन्द्रों की स्थापना की है। एचआईवी पीड़ित व्यक्तियों को लाभान्वित करने के लिए शासन द्वारा बनाई गई योजनाओं से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण में पोषण आहार विशेषज्ञ डॉ़ विभा खरे ने सामान्य एवं एचआईवी पीड़ित महिलाओं और बच्चों के पोषण आहार के संबंध में और बाल आयोग के पूर्व सदस्य विभांशु जोशी ने बाल अधिकारों के संरक्षण और उनसे संबंधित कानून की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में रायसेन, होशंगाबाद, छतरपुर, जबलपुर, धार, सतना, शिवपुरी, राजगढ़, भोपाल, रीवा, सीधी, इंदौर, गुना, मुरैना, रतलाम, शहडोल, उज्जैन, सिवनी, छिन्दवाड़ा और बैतूल के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
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