भोपाल, 11 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के हथकरघा बुनकरों के उत्पादों को सूचना प्रौद्योगिकी के जरिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध कराने के सरकारी स्तर पर कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग प्रयास कर रहा है।
कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव प्रवीर कृष्ण ने सोमवार को राजधानी भोपाल में हाथकरघा एवं हस्तशिल्प अधिकारियों की राज्य-स्तरीय बैठक में कहा कि हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के विस्तार के लिए प्रत्येक जिले में ग्रामोद्योग चौपाल स्थापित की जाएंगी। सबसे पहले हाथकरघा एवं हस्तशिल्प के सभी 13 क्लस्टर में ये चौपाल स्थापित होंगे।
उन्होंने बताया कि ग्रामोद्योग चौपाल सूचना प्रौद्योगिकी से युक्त रहेंगे, जहां जिले के सभी हाथकरघा बुनकर और कारीगर की जानकारी रहेगी। चौपालों को क्लोज यूजर ग्रुप से लिंक किया जाएगा। इससे सूचना का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों से अपने-अपने जिले की योजनाओं के प्रस्ताव विश्व बैंक के मापदंडों के अनुसार बनाने को कहा। साथ ही कहा कि क्लस्टर योजना बनाई जाए। सभी बुनकरों की जानकारी को कम्प्यूटर में दर्ज किया जाए ताकि वह एक क्लिक पर उपलब्ध रहे, जिससे चंदेरी, महेश्वर साड़ी जैसे उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में स्थान मिले। इसके साथ ही बुनकरों के कौशल विकास पर ध्यान दिया जाए ताकि वे उत्पाद का वाजिब मूल्य प्राप्त कर सकें।
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