भोपाल, 23 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि राज्य के सभी शासकीय जिला चिकित्सालयों में गुर्दा पीड़ित मरीजों को आउटसोर्स के माध्यम से डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई गई है। देश में मध्यप्रदेश सभी जिलों में डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने वाला पहला राज्य है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गरीब परिवार के मरीजों को डायलिसिस की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। अन्य श्रेणी के मरीजों के लिए प्रति हीमोडायलिसिस सत्र के लिए 500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
वर्ष 2017-18 में डायलिसिस इकाईयों के माध्यम से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित 1750 मरीजों को 53 हजार 566 हीमोडायलिसिस सत्रों के माध्यम से इस सुविधा का लाभ दिया गया।
विभाग का कहना है कि पूर्व में प्रदेश के कुछ बड़े शहरों के निजी अस्पतालों में ही गुर्दा मरीजों को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही थी। मरीज को सामान्यत: सप्ताह में दो-तीन बार हीमोडायलिसिस करवाना पड़ता है। हीमोडायलिसिस के उपचार पर प्रति सत्र 1500 से 2000 रुपये तक का खर्च होता था।
इसके अलावा, मरीज को आने-जाने में और खर्च भी हो रहे थे। इस तरह डायलिसिस के मरीज को माह में कम से कम 20 से 25 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ता था। अब सभी चिकित्सालयों में यह सुविधा न्यूनतम खर्च में उपलब्ध हो जाने से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीजों को राहत मिली है।
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