भोपाल, 29 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा सोमवार को लोकसभा में पेश किए गए वर्ष 2016-17 के बजट से उद्योग जगत उत्साहित नहीं है। उसे उम्मीद थी कि केंद्र सरकार औद्योगिक विकास को बढ़ाने के लिए बड़े फैसले लेगी, मगर ऐसा नहीं हुआ।
पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी का कहना है कि यह सामान्य और यह सरचार्ज लगाने वाला बजट है। यह बजट उद्योग जगत को उत्साहित करने वाला नहीं है। वहीं उद्योग पर कार्पोरेट टैक्स भी बढ़ाया गया है।
पीएचडी चेम्बर ऑफ कॉमर्स स्थानीय निदेशक आर.जी. द्विवेदी इस बजट को बैलेंस बजट करार देते हैं। उनका कहना है कि इस बजट में अधो संरचना को मजबूत करने पर जोर दिया गया है, मगर उद्योगों के लिए कोई रियायत नहीं दी गई है। वहीं सेवा कर में बढ़ोतरी की गई है, जिससे महंगाई बढ़ेगी।
द्विवेदी के मुताबिक, मध्य प्रदेश के लिए यह बजट कुछ अच्छा है, क्योंकि खाद्य प्रसंस्करण में 100 प्रतिशत विदेशी निवेश को मंजूरी दी गई है। साथ ही कौशल विकास के लिए केंद्र खोले जाएंगे। कुल मिलाकर यह बजट बैलेंस है, उद्योग जगत के लिए ज्यादा अच्छा नहीं है।
वहीं फेडरेशन ऑफ एमपी चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्टीज के वाइस चेयरमैन आर.एस. गोस्वामी इस बजट को उद्योगजगत के लिए लाभदायक मानते हैं। उनका कहना है कि इस बजट में अधोसंरचना पर विशेष जोर दिया गया है, ऐसा होने से उत्पाद के परिवहन सहित अन्य कार्य पर आने वाली लागत में कमी आएगी, जिसका लाभ सीधे तौर पर उद्योग जगत को ही होगा।
यह दीर्घकालिक योजना को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है। उद्योग जगत रियायत नहीं, सुविधा चाहता है जिस पर इस बजट में विशेष जोर दिया गया है।
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