भोपाल, 8 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के श्योपुरकलां जिले के विजयपुर क्षेत्र में गहराए जल संकट और सिंचाई परियोजना की मंजूरी की मांग को लेकर 16 किसान पांच मार्च से आमरण अनश्न पर बैठे हुए है। न तो सरकार उनकी सुन रही है और न ही स्थानीय प्रशासन।
भोपाल, 8 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के श्योपुरकलां जिले के विजयपुर क्षेत्र में गहराए जल संकट और सिंचाई परियोजना की मंजूरी की मांग को लेकर 16 किसान पांच मार्च से आमरण अनश्न पर बैठे हुए है। न तो सरकार उनकी सुन रही है और न ही स्थानीय प्रशासन।
यह मामला गुरुवार को विधानसभा में विधायक रामनिवास रावत ने ध्यानाकर्षण के जरिए उठाया। इस पर जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राज्य में बढ़ी सिंचाई क्षमता का हवाला दिया।
रावत ने ध्यानाकर्षण के जरिए बताया कि विजयपुर क्षेत्र में खेती पूरी तरह वर्षा आधारित है। बीते चार-पांच वर्षो में हुई अल्प वर्षा के कारण यहां के जलस्त्रोत सूख चुके हैं और जलस्तर 600 फुट तक नीचे चला गया है। यहां की समस्या के निदान के लिए चेटीखेड़ा बांध की स्वीकृति की लगातार मांग की जा रही है। इस परियोजना के लिए अनुदान मांगों के समय जल संसाधन मंत्री द्वारा बजट की स्वीकृति दी गई। उसके बाद भी प्रशासकीय स्वीकृति लंबित है।
रावत ने बताया कि यहां के किसान लगातार परियोजना के लिए आंदोलनरत हैं। पहले भूख हड़ताल की और अब पांच मार्च से 16 किसान आमरण-अनशन पर बैठे हुए हैं। जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने अपने जवाब में कहा कि राज्य में सिंचाई क्षमता बढ़कर 42 लाख हेक्टेयर हो गई है।
dharmpath.com dharmpath