भोपाल, 25 सितम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार वंचित परिवारों की उन्नति के लिए पं दीनदयाल उपाध्याय की स्वर्ण जयंती वर्ष को गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, इसकी शुरुआत 25 सितम्बर से हो रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय पं़ दीनदयाल परिसर भोपाल में पं़ दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर शताब्दी वर्ष की शुरुआत के मौके पर आयोजित परिसंवाद में मुख्यमंत्री चौहान ने दीनदयाल के एकात्म मानववाद की चर्चा करते हुए कहा कि पं़ उपाध्याय के लिए सबका सुख-सबका दु:ख, अपना सुख और दु:ख था। उन्होंने एकात्म मानवदर्शन के रूप में विश्व को महानतम् देन दी है, जो विश्व बंधुत्व की प्रेरणा देती है और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने वंचित परिवारों की उन्नति के लिए करीब 130 योजनाएं क्रियान्वित की है। 25 सितंबर 2015 से आरंभ हो रहे इस वर्ष में एक वर्ष तक ‘गरीब कल्याण वर्ष’ के रूप में इन योजनाओं का विस्तार जन-जन तक झोपड़ी-झोपड़ी, गली-गली तक किया जाएगा और एक सुखी, समृद्घ, स्वर्णिम मध्यप्रदेश के निर्माण में शक्ति और साधन समर्पित करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी परिवार आवासहीन न रहे, इसके लिए सभी को भूखंड आवंटित किया जाएगा और मकान बनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। शताब्दी वर्ष में हम स्व. कुषाभाऊ ठाकरे प्रशिक्षण संस्थान के निर्माण का सपना भी साकार करेंगे। यह कार्य कार्यकर्ताओं के बल पर होगा, जिसमें पांच रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक का अंशदान स्वीकार किया जाएगा। वर्ष भर अंत्योदय मेले लगाकर गरीब परिवारों के कल्याण की योजनाएं साकार की जाएंगी और उन्हें रोजगारमूलक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जायेगा।
परिसंवाद की अध्यक्षता करते हुए केन्द्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि एकात्म मानवदर्शन जीवन शैली में विकसित होने पर मानव जीवन में गुणात्मक परिवर्तन आएगा और व्यक्ति की सोच समाजोन्मुखी होगी।
dharmpath.com dharmpath