भोपाल, 30 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को बच्चों को खुराक देकर यहां पोलियो से दोहरी सुरक्षा के लिए आई.पी.वी. (इनएक्टिवेटेड पोलियो वायरस वैक्सीन) के समावेश की शुरुआत की।
ज्ञात हो कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के आह्वान पर भारत सहित 126 देशों में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत आई.पी.वी. शुरू किया जा रहा है। भारत में आई.पी.वी. के प्रथम चरण की शुरुआत छह राज्यों -मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, पंजाब एवं असम- में की गई है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कोलार, बाणगंगा एवं सनखेड़ी से अपने अभिभावकों के साथ आए बच्चों को टीकाकरण के लिए आई.पी.वी. सौंपकर इस कार्यक्रम की शुरुआत की। एक टीका इंजेक्शन के रूप में ओ.पी.वी. (ओरल पोलियो वैक्सीन) की तीसरी खुराक के साथ दिया जाएगा। यह टीका नवजात शिशुओं को 14 सप्ताह (साढ़े तीन माह) की उम्र में दिया जाएगा। देरी होने पर एक वर्ष की उम्र के भीतर भी यह टीका दिया जा सकेगा।
आधिकारिक रूप से भारत 27 मार्च, 2014 को पोलियो-मुक्त हो चुका है, किन्तु आस-पास के देशों (अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नाइजीरिया) में पोलियों के मामले अभी भी हैं। इन देशों से कई परिवारों के आने के कारण भारत में भी पोलियो का खतरा बना हुआ है। इस स्थिति में आई.पी.वी. के माध्यम से दोहरी (डबल ) सुरक्षा देकर पोलियो की वापसी पर प्रभावी ढंग से रोक लग सकेगा।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में कहा गया है कि प्रदेश के बच्चों के लिए यह टीका सभी शासकीय स्वास्थ्य एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों पर नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। यह टीका अत्यंत उपयोगी, सुरक्षित और दुष्प्रभावहीन है। इस टीके के प्रांरभ होने के बाद भी ओ.पी.वी. (दो बूंद जिंदगी की) की सभी खुराकें पहले की तरह जारी रहेंगी।
आई.पी.वी. के शुभारंभ अवसर पर मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा, लोक स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह, चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव विनोद सेमवाल, लोक स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त पंकज अग्रवाल, ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के संचालक फैज अहमद किदवई एवं यूनीसेफ के प्रतिनिधि अनिल गुलाटी भी उपस्थित थे।
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