मप्र में हितग्राहियों को हाथ में पैसे देने की तैयारी!

भोपाल, 1 दिसंबर (आईएएनएस)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही जन-धन योजना के जरिए बैंक खाता खुलवाकर सरकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राही के खाते में भेजने की मंशा रखते हों, मगर मध्य प्रदेश सरकार इससे ठीक उलट हितग्राहियों को रकम सीधे हाथ में देने की योजना बना रही है।

भोपाल, 1 दिसंबर (आईएएनएस)। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही जन-धन योजना के जरिए बैंक खाता खुलवाकर सरकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राही के खाते में भेजने की मंशा रखते हों, मगर मध्य प्रदेश सरकार इससे ठीक उलट हितग्राहियों को रकम सीधे हाथ में देने की योजना बना रही है।

राज्य मंत्रिपरिषद की मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में हितग्राहियांे को समय पर राशि न मिलने का मामला उठा। इस मसले पर चौहान ने अपने सहयोगियों से पूछा कि आखिर ऐसा क्या किया जाए कि हितग्राही को बगैर किसी समस्या के समय पर सहायता राशि मिल जाए।

ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की राशि हितग्राही के बैंक खातों में जमा कराई जाती है। ऑनलाइन भुगतान के पीछे मकसद दलाली और भ्रष्टाचार को रोकना रहा है। ऑनलाइन भुगतान को लेकर राज्य सरकार ने मौके बे मौके पर अपनी पीठ भी थपथपाई है, मगर अब इसमें बदलाव लाने की तैयारी चल रही है।

मुख्यमंत्री चौहान स्वयं कई दफा यह कह चुके हैं कि गड़बड़ियों को रोकने के लिए उनकी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। उसमें ऑनलाइन भुगतान भी प्रमुख है। छात्रवृत्ति से लेकर अन्य योजनाओं की राशि सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है।

राज्य के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद की बैठक का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि बैंक और पोस्ट आफिस गांव से दूर होने पर भुगतान पाने में परेशानी होती है। सरकार चाहती है कि हर माह ग्राम सभा में राशि का भुगतान किया जाए।

वहीं परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है कि सरकार की योजनाओं की राशि हितग्राही को नगद या चेक के जरिए देने पर विचार चल रहा है। अभी फैसला नहीं हुआ है। ऐसा हितग्राही को परेशानी से बचाने के लिए हो रहा है।

उन्होंने आगे बताया कि कई बार यह देखने में आया है कि ढाई सौ रुपये की पेंशन के लिए हितग्राही को कई बार बैंक जाना होता है, इसमें उसकी उतनी राशि खर्च हो जाती है, जितनी उसे पेंशन में मिलने वाली है। मुख्यमंत्री की मंशा भुगतान प्रक्रिया के सरलीकरण की है।

सूत्रों का कहना है कि बीते दिनों मुख्यमंत्री चौहान ने झाबुआ में जन संवाद यात्रा की। इस यात्रा के दौरान पेंशन व अन्य योजनाओं की राशि का भुगातन न होने की कई शिकायतें आईं। उसके बाद उन्होंने मंत्रिपरिषद की बैठक में अपने सहयोगियों से कहा कि वे एक सप्ताह में सुझाव दें कि आखिर क्या किया जाए।

प्रधानमंत्री मोदी की मंशा हितग्राही को मिलने वाली सहायता राशि में किसी भी तरह की होने वाली गड़बड़ी को रोकना है, इसी के मद्देनजर जन-धन योजना के तहत हर व्यक्ति के बैंक खाते खुलवाए जा रहे हैं। बैंक खाते खुलवाने के मामले में हालांकि मध्य प्रदेश भी कीर्तिमान बना रहा है, मगर हितग्राही की राशि सीधे खाते में जमा करने की बजाय चेक या नकद देने की तैयारी क्यों है, इस सवाल का जवाब आना अभी बाकी है।

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