मप्र रेल हादसा : 19 शव बरामद, जांच के आदेश (लीड-1)

भोपाल, 5 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में मंगलवार देर रात दो रेलगाड़ियां पटरी से उतरकर काली माचक नदी में गिर गई, जिसमें कई यात्रियों की मौत हो गई। अब तक 19 शव बरामद किए जा चुके हैं। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है। हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

हादसा पाश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल-खंडवा रेल खंड पर हरदा जिले के खिरकिया-हरदा रेल्वे स्टेशन के बीच पड़ने वाली काली माचक नदी के पुल पर हुआ। मुम्बई से वाराणसी जा रही गाड़ी संख्या 11071 कामायानी एक्सप्रेस इस पुल से गुजरने के दौरान मंगलवार देर रात दुर्घटना का शिकार हो गई। इस रेलगाड़ी के चार डिब्बे काली माचक नदी के पुल पर से गुजरते समय पटरी से उतरकर नदी के गिर गए।

एक अन्य रेलगाड़ी गाड़ी संख्या 13201 जनता एक्सप्रेस के दो डिब्बे भी पटरी से उतरकर नदी में गिर गए। यह रेलगाड़ी बिहार में पटना स्थित राजेंद्र नगर टर्मिनल से मुंबई जा रही थी।

पश्चिम मध्य रेल्वे के भोपाल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी आई. बी. सिद्दीकी ने बुधवार को आईएएनएस को बताया कि कामायनी और जनता एक्सप्रेस रेलगड़ियों के छह डिब्बे पटरी से उतरकर नदी में डूब गए, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। अब तक 19 शव बरामद किए गए हैं। रेल प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दिए है। जांच का जिम्मा मुंबई में रेलवे सुरक्षा आयुक्त को सौंपा गया है।

कामायनी एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे यात्रियों ने भोपाल में संवाददाताओं को बताया कि काली माचक नदी के पुल से पहले उन्हें जोरदार झटका सा लगा और बोगी संख्या एस चार के बाद की कई बोगियां पटरी से उतरकर नदी में जा गिरी। इस गाड़ी का बहुत बड़ा हिस्सा पुल को पार कर चुका था, उसके बाद यह हादसा हुआ। कई यात्रियों ने पानी से निकलकर अपनी जान बचाई। इस गाड़ी के शेष हिस्से को वाराणसी की ओर रवाना कर दिया गया है।

यात्रियों ने बताया कि घटनास्थल का नजारा ऐसा था कि मानो उनके चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी हो। एक यात्री ने बताया कि उसकी बोगी में भी कई फुट तक पानी भर गया था और वह किसी तरह अपनी जान बचा पाया है। उस बोगी में और भी कई यात्री थे, बाकी का क्या हुआ, इसकी उसे जानकारी नहीं है।

बिहार में पटना स्थित राजेंद्र नगर टर्मिनल से मुम्बई जा रही जनता एक्सप्रेस का इंजिन और दो डिब्बे भी ठीक इसी स्थान पर पटरी से उतरकर नदी में गिर गए।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन, पुलिस और रेलवे का अमला घटनास्थल पर पहुंच चुका है, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। राहत एवं बचाव कार्य में ग्रामीण भी सहयोग कर रहे हैं। पानी में डूबे डिब्बों में यात्रियों की तलाश की जा रही है। गोताखोर नदी के पानी में लापता यात्रियों की भी तलाश कर रहे हैं। स्वास्थ्य दल भी मौके पर पहुंच गए हैं। सेना के राहत एवं बचाव दल को भोपाल से घटनास्थल पर भेज दिया गया है।

आधिकारिक तौर पर फिलहाल दुर्घटना की वजह नहीं बताई गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह हादसा काली माचक नदी पर बने पुल के नीचे की रेत खिसक जाने के कारण हुआ। सूत्रों के मुताबिक, काली माचक नदी पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, वहीं पटरी के नीचे से रेत के खिसक जाने के कारण पटरी कुछ तिरछी हो गई थी, जिससे गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और पटरी से उतर कर दोनों यात्री गाड़ियों की बोगियां नदी में जा गिरीं।

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