भोपाल, 17 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जिला स्तरीय मुख्यमंत्री स्व-रोजगार एवं कौशल सम्मेलन में 23 हजार 665 आवेदकों को विभिन्न कंपनियों में नौकरी मिली। इसके साथ ही 10 हजार 83 आवेदकों के स्व-रोजगार के प्रकरण भी स्वीकृत किए गए।
भोपाल, 17 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में जिला स्तरीय मुख्यमंत्री स्व-रोजगार एवं कौशल सम्मेलन में 23 हजार 665 आवेदकों को विभिन्न कंपनियों में नौकरी मिली। इसके साथ ही 10 हजार 83 आवेदकों के स्व-रोजगार के प्रकरण भी स्वीकृत किए गए।
तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दीपक जोशी ने बुधवार को कहा कि सम्मेलन के जरिए इतने आवेदकों को नौकरी मिलना और स्वरोजगार के लिए प्रकरणों की स्वीकृति एक बड़ी सफलता है। इस तरह के सम्मेलन कुछ समय बाद फिर से आयोजित होंगे।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, उज्जैन में हुए सम्मेलन में सर्वाधिक 1722 आवेदकों को नौकरी मिली। इसमें जिला रायसेन से 640, राजगढ़ से 1230, सीहोर से 440, विदिशा से 485, हरदा से 267, होशंगाबाद से 287, बैतूल से 716, अशोक नगर से 964, ग्वालियर से 839, दतिया से 186, गुना से 1050, शिवपुरी से 208, भिण्ड से 72, मुरैना से 578, श्योपुर से 200 आवेदकों को नौकरी मिली।
इसी तरह अलीराजपुर से 268, बड़वानी से 176, बुराहनपुर से 318, धार से 466, इंदौर से 250, झाबुआ से 250, खण्डवा से 349, खरगौन से 375, छिन्दवाड़ा से 531, डिण्डोरी से 192, जबलुपर से 250, कटनी से 12, नरसिंहपुर से 310, रीवा से 506, सतना से 310, सिंगरौली से 854, अनूपपुर से 151, शहडोल से 79, उमरिया से 260, छतरपुर से 613, दमोह से 22, पन्ना से 307, सागर से 1585, टीकमगढ़ से 278, देवास से 1282, मंदसौर से 352, नीमच से 380, रतलाम से 152, शाजापुर से 1134, आगर-मालवा से 410, बालाघाट 275, मण्डला से 349 और सिवनी से 435 आवेदकों को सम्मेलन में ही नौकरी दी गई।
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