भोपाल, 7 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को रीवा जिले के सहकारी बैंक की डभौरा शाखा में 16 करोड़ रुपये से अधिक के गबन के मामले में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने सहकारिता मंत्री गोपाल भार्गव पर सीधे हमला किया और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की। इस पर कांग्रेस विधायकों और मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
कांग्रेस के विधायक बाला बच्चन ने जिला सहकारी बैंक की डभौरा शाखा में हुए 16 करोड़ के गबन का मामला उठाया और सहकारिता मंत्री भार्गव पर निशाना साधा और कांग्रेस के विधायक रामनिवास रावत ने एक आरोपी के पत्र के हवाले से आरोप लगाया कि उस आरोपी ने कई लोगों को रकम दी है। इस पर मंत्री भार्गव भड़क उठे और कहा कि उन्होंने ही जांच की पहल की और इसी के चलते गबन की राशि में से 12 करोड़ रुपये बैंक ने हासिल कर लिए। वह हर जांच के लिए तैयार हैं।
भार्गव ने कहा कि इस मामले की पुलिस का अनुसंधान विभाग जांच कर रहा है। इस मामले में महाप्रबंधक आर.के. पचौरी को पुलिस ने गिरफ्तार किया और तभी विभाग ने उन्हें निलंबित भी कर दिया। विभाग की ओर से पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई की गई है।
सदन के बाहर विधायक रामनिवास रावत ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बैंक गबन में 24 को आरोपी बनाया गया था, इसमें से एक आरोपी ने पुलिस महानिदेशक को पत्र खिलकर कहा है कि उसने कथित तौर पर मंत्री सहित कई अन्य राजनेता और उनसे जुड़े लोगों को रकम दी है। सरकार को इस मामले की सीबीआई से जांच करानी चाहिए।
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