यात्रियों ने जीआरपी और आरपीएफ से मदद मांगी, लेकिन रेलवे पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इस संबंध में पीड़ितों ने जीआरपी में मुकदमा दर्ज कराया है। रेलवे पुलिस लुटेरों की तलाश में जुटी है।
इससे पहले, अगस्त में पुष्पक एक्सप्रेस में करोड़ों रुपये की चोरी की घटना हुई थी। यात्रियों का कहना है कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने सुरक्षा बढ़ाने की बात कहकर किराया बढ़ाया था, लेकिन ट्रेनों में न तो साफ-सफाई दिखती है और न ही यात्री सुरक्षित हैं।
बाराबंकी जिले के कटरा प्याज मार्केट (सट्टी बाजार) निवासी फैज खां मरुधर एक्सप्रेस (14865) से स्लीपर कोच नंबर एस-7 में सीट नंबर 12 पर यात्रा कर रहे थे। उनके चार टिकेट थे। वह परिवार के साथ जयपुर जा रहे थे। फैज के मुताबिक, चारबाग रेलवे स्टेशन से ट्रेन जैसे ही आगे बढ़ी तो आधा दर्जन नकाबपोश लुटेरे असलहे के बल पर लूटपाट करने लगे।
यात्रियों ने बताया कि जब उन्होंने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी देने लगे। इस दौरान उनके साथ यात्रा कर रहे इंदिरानगर लखनऊ के निवासी हैदर से भी बदमाशों ने लूट-पाट की।
जीआरपी के द्वारा लिखी गई रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों यात्रियों से लुटेरों ने पांच हजार रुपये नकद, सोने की चेन, अंगूठी, मैरेज सर्टिफिकेट निर्वाचन कार्ड, पासबुक, राशन कार्ड समेत घरेलू सामान लूट लिया।
लुटेरे काफी देर तक ट्रेन स्लीपर कोच एस-5, एस-6,एस-7,एस-8 में तांडव मचाते रहे, लेकिन जीआरपी और आरपीएफ मदद मांगने के बाद भी नहीं पहुंची।
यात्रियों के मुताबिक, ट्रेन वाराणसी से जोधपुर जा रही थी। यात्रियों ने लुटेरों के जाने के बाद शोर मचाया, फिर भी लखनऊ से मदद न मिलने के बाद वह निराश हुए तो उन्हें आगरा से मदद मिली।
लूटपाट के बाद बदमाश चलती ट्रेन कूदकर फरार हो गए।
इंस्पेक्टर (जीआरपी) डी.के. उपाध्याय ने बताया कि ट्रेन में रात के समय जिन लुटेरों ने लूटपाट की है, उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही लुटेरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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