सिंगापुर, 11 जुलाई (आईएएनएस)। मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मंगलवार को सिंगापुर के अधिकारियों से एक मलेशियाई नागरिक की फांसी पर रोक लगाने का आग्रह किया। मलेशियाई नागरिक पर नशीले पदार्थो की तस्करी का आरोप है। संगठन का मानना है कि दोषी करार दिए गए व्यक्ति के साथ निष्पक्षता नहीं बरती गई।
पिछले हफ्ते ही फांसी की सजा दिए जाने के बारे में सूचित किए गए आरोपी के परिवार के अनुसार, एक वाहन में 22.24 ग्राम हेरोइन छुपाकर उसकी तस्करी के आरोप में प्रबागरन श्रीविजयन को 2012 में फांसी की सजा सुनाई गई थी। उसे शुक्रवार को फांसी की सजा दी जानी है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, एक बयान में एमनेस्टी ने इस बात पर जोर दिया कि श्रीविजयन एक किराए के वाहन की सवारी कर रहा था और उसने पूरी कार्यवाही के दौरान अपने निर्दोष होने की बात पर कही थी।
दक्षिण पूर्व एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में एमनेस्टी के निदेशक जेम्स गोमेज ने कहा, “प्रबागरन श्रीविजयन की जिंदगी को निर्दयतापूर्वक फांसी पर चढ़ने से बचाने के लिए केवल चार दिन बचे हैं।”
उन्होंने कहा, “सिंगापुर के अधिकारियों को एक और व्यक्ति इस तरह के अमानवीय और अपरिवर्तनीय सजा से गुजरे, उससे पहले उसकी फांसी पर तुरंत रोक लगानी होगी।”
श्रीविजयन के बचावकर्ताओं ने उसकी निष्पक्ष सुनवाई पर सवाल उठाया है। बचावकर्ताओं ने दावा किया कि अधिकारियों ने गवाहों को आरोपी के पक्ष में बोलने की अनुमति नहीं दी।
बचावकर्ता वकीलों ने मलेशियन कोर्ट ऑफ अपील में आवेदन देकर इस मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय को सौंपे जाने का अनुरोध किया है।
सिंगापुर द्वारा 2014 में फांसी पर पाबंदी के बाद से अधिकारियों ने कम से कम 10 मामलों में अपराधियों को फांसी की सजा दी है, जिनमें सात मामले नशीले पदार्थो की तश्करी से जुड़े हैं।
वर्ष 2016 में ही चार लोगों को फांसी की सजा दी गई थी। इनमें से दो मामले हत्या और दो नशीले पदार्थो की तस्करी से संबंधित थे। इस समय कम से कम 38 लोग फांसी की सजा दिए जाने की सूची में शामिल हैं।
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