दिल्ली-मस्जिद में नमाज क्या इस्लाम मे आवश्यक है में फैसला तीन जजों के बेंच में दो एक के बहुमत से आ गया है।फैसले में कहा गया है कि मस्जिद इस्लाम मे नमाज पढ़ने का अहम हिस्सा नहीं है।मस्जिद में नमाज अता करना जरूरी नहीं।यह मामला बड़ी बैंच में नहीं भेजा जाएगा।जस्टिस अब्दुल नजीर की राय दो अन्य जजों से अलग रही।1994 में इसे जरूरी नहीं बताया गया था।तीन जजों की बेंच ने इस पर विचार किया।जस्टिस नजीर ने कहा वे इस फैसले से सहमत नहीं।मैं साथी जजों की राय से सहमत नहीं।कोर्ट 24 वर्ष पुराने फैसले पर कायम है।
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