श्रीनगर, 11 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कश्मीर में शांति एवं कानून-व्यवस्था बहाली के लिए लोगों से सहयोग देने की अपील की और इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि ‘कुछ लोग’ अपने निहित स्वार्थो के लिए उपद्रव तथा अशांति को बढ़ावा दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शांति बहाल करने के लिए अनेक उपाय अपना रही है, साथ ही उन्होंने राज्य की जनता से इसमें सहोयग देने की भी अपील की।
भारतीय सेना द्वारा शुक्रवार को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को मार गिराए जाने के बाद से ही कश्मीर घाटी में हिंसक विरोध-प्रदर्शन चल रहा है, जिसमें 23 लोगों की मौत हो चुकी है।
महबूबा ने सोमवार को अपने आवास पर कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रख्यात लोगों से मुलाकात की।
उन्होंने कहा, “मैं राजनेताओं, मीडिया, धर्मगुरुओं, कारोबार जगत एवं प्रख्यात लोगों सहित समाज के हर वर्ग से विनती करती हूं कि वे इस समय आगे आएं और कश्मीर घाटी में शांति एवं कानून-व्यवस्था को पुन: बहाल करने में सरकार का सहयोग दें।”
महबूबा के आवास पर यह बैठक करीब दो घंटे तक चली और महबूबा ने इस दौरान सामाजिक संगठनों को सरकार द्वारा शांति बहाली की दिशा में उठाए गए कदमों से अवगत कराया और स्थिति को सामान्य करने के लिए उनसे सुझाव भी मांगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों से अधिक से अधिक धैर्य से काम लेने के लिए कहा गया है ताकि और मौतों या गंभीर चोटों से बचा जा सके।
उन्होंने कहा, “हिंसा की ताजा वारदात में जान गंवाने वाले आम युवकों और पुलिसकर्मियों के परिवार वालों के प्रति मैं बेहद दुखी हूं। हम पहले ही इस खूनी खेल और हिंसा में एक पूरी पीढ़ी गंवा चुके हैं और ऐसी राजनीतिक अनिश्चितता वाले माहौल में और नहीं रह सकते जिसमें रोज-रोज युवाओं की मौत हो।”
मुख्यमंत्री ने इस पर अफसोस जताया कि “दुर्भाग्य से कुछ ऐसे तत्व भी हैं जो अपने निहित स्वार्थो के लिए कश्मीर घाटी में हंगामा, अशांति और खूनी खेल को बढ़ावा देने में लगे हुए हैं और युवाओं को चरमपंथ और हिंसा अपनाने को उकसाकर उनकी जिंदगियों से खेल रहे हैं, परिणामस्वरूप उन्माद और रक्तपात का यह दुष्चक्र चलता रहता है।”
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