पणजी, 3 अगस्त (आईएएनएस)। गोवा के लोक निर्माण मंत्री सुदिन धवलीकर ने महाराष्ट्र में सावित्री नदी पर बने ब्रिटिशकालीन सेतु के टूटने के बाद सरकारी इंजीनियरों को लापरवाही बरतने के लिए बुधवार को दोषी ठहराया।
बुधवार तड़के पुल के टूटने के परिणामस्वरूप कम से कम 20 लोगों के साथ दो बसें और अनेक अन्य वाहन लापता हैं।
विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए धवलीकर ने कहा, “यह महाराष्ट्र सरकार की लापरवाही नहीं, बल्कि यह एक विभाग की भूल है, इंजीनियरों की गलती है।”
धवलीकर ने यह भी कहा कि गोवा के बिचोलिम, सानवोर्दम और क्यूपेम इलाके में पुर्तगाली युग के बने तीन प्रमुख पुल हैं।
मंत्री ने कहा कि उनके विभाग के इंजीनियरों द्वारा प्रत्येक छह माह पर गोवा के हर पुल की जांच की जाती है।
उन्होंने कहा, “आज हमें कोई समस्या नहीं है।”
कोंकण क्षेत्र में महाड शहर के निकट भारी वर्षा के कारण बुधवार को पुल के टूटने से कम से कम दो बसें और कई अन्य वाहन लापता हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 17 पर पनवेल को जोड़ने वाला यह पुल मुंबई और गोवा के बाहरी इलाके में स्थित है।
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