(धर्मपथ)–सीबीआई ने आयकर विभाग की डिप्टी कमिश्नर श्रीमती पूनम राय को शुक्रवार को 10 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद उनसे रात 12 बजे से शनिवार सुबह नौ बजे तक पूछताछ की गई। सीबीआई ने योजनाबद्ध ढंग से बिल्डर के सीए, डिप्टी कमिश्नर के पति और उनके कर्मचारियों को झांसा देकर पूरा जाल बिछाया और डिप्टी कमिश्नर को फिर पकड़ा। श्रीमती राय और उनके पति गणेश मालवीय को गिरफ्तार कर लिया है। गणेश मालवीय बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा के स्टॉफ में भी रह चुके हैं।
इस मामले में पूनम राय के पति भाजपा नेता गणेश मालवीय की खास भूमिका सामने आई है। गणेश राजधानी में मृत्युंजय के नाम से एक एनजीओ चलाता है। रिश्वतखोरी के इस मामले में चार्टर्ड एकाउंटेंट चोटरानी एसोसिएट भी शामिल था उसने पार्टी को पैसे लेकर पहले एमपी नगर बुलाया। फिर उसे 10 नंबर स्थित एनजीओ दफ्तर में बुलाया गया, वहां चोटरानी के मुनीम को पार्टी ने जैसे ही पैसे दिए सीबीआई ने उसे दबोच लिया।
बताया जाता है कि विभाग में रेंज वन की प्रभारी पूनम की कुछ महीने पहले ही डिलेवरी हुई है। प्रसव के दौरान लंबी छुट्टी लेने से कहीं उसका प्रभार छिन न जाए इसके लिए पूनम ने अपना मेटरनिटी अवकाश तक पूरा नहीं लिया। वह अवकाश के बीच में ही आकर दफ्तर में काम करने लगी थीं। उनके निर्णय पर दफ्तर के अनेक लोगों को अचरज भी हुआ था। लेकिन वह अपने चार्ज को लेकर काफी सतर्क थीं।
dharmpath.com dharmpath