कोच्चि, 30 नवंबर (आईएएनएस)। चेन्नई स्थित ब्रिटिश उपउच्चायोग पुलिस, कानूनी और न्यायिक अधिकारियों के लिए महिलाओं के प्रति हिंसा (वीएडब्ल्यू) के मामलों में उनकी समझ बेहतर बनाने के लिए और उनसे निपटने की कुशलता पैदा करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करेगा।
कोच्चि, 30 नवंबर (आईएएनएस)। चेन्नई स्थित ब्रिटिश उपउच्चायोग पुलिस, कानूनी और न्यायिक अधिकारियों के लिए महिलाओं के प्रति हिंसा (वीएडब्ल्यू) के मामलों में उनकी समझ बेहतर बनाने के लिए और उनसे निपटने की कुशलता पैदा करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करेगा।
उच्चायोग द्वारा सोमवार को जारी एक बयान के मुताबिक, छह से 10 दिसम्बर तक होने वाली इन कार्यशालाओं में अधिकारी महिलाओं के प्रति हिंसा से संबंधित विधानों (घरेलू हिंसा, यौन अपराध, यौन उत्पीड़न, बच्चों की यौन अपराधों से सुरक्षा, अपराधिक कानून संशोधन के तहत नई प्रक्रियाओं) और मामलों के अध्ययन के बारे में समझ विकसित करेंगे।
विभिन्न सत्रों में ऐसे मामलों में बचे लोगों और संभावित पीड़ितों को त्वरित और बेहतर न्याय दिलाने के लिए वीएडब्ल्यू मामलों को बेहतर ढंग से निपटने के लिए समझ और उपकरण उपलब्ध कराएंगे।
चेन्नई में ब्रिटिश उपउच्चायुक्त भरत जोशी ने कहा, “केरल में आयोजित की जाने वाली इन कार्यशालाओं का मकसद पुलिस, कानूनी और न्यायिक अधिकारियों को संवेदनशील बनाना है, जिनकी महिलाओं के प्रति हिंसा को रोकने और उनसे निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका है। यह भारत में महिलाओं, लड़कियों और नागरिक सामाजिक संगठनों के लिए हमारी विस्तृत योजनाएं पूरी करने के लिए जरूरी है।”
कार्यशालाओं का आयोजन ‘लॉयर्स कलेक्टिव’, नई दिल्ली और केरल स्थित ‘कल्चरल एकेडमी ऑफ पीस’ (सीएपी) की साझेदारी में किया जा रहा है।
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