नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। देश के डिजिटल प्लेटफार्म पर महिला उद्यमियों और खरीदारों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। वे प्रौद्योगिकी का उपयोग अपने कारोबार के विकास में कर रही हैं।
नई दिल्ली, 23 नवंबर (आईएएनएस)। देश के डिजिटल प्लेटफार्म पर महिला उद्यमियों और खरीदारों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है। वे प्रौद्योगिकी का उपयोग अपने कारोबार के विकास में कर रही हैं।
इसके लिए महिला उद्यमियों को हर ओर से तारीफ मिल रही है।
पेटीएम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय शेखर शर्मा ने यहां एक सम्मेलन से अलग आईएएनएस से कहा, “महिला उद्यमियों की ख्याति पुरुष उद्यमियों से अधिक है। नई स्टार्टअप कंपनी खड़ी करने वाले पुरुषों की चर्चा अधिक नहीं होती है, लेकिन स्टार्टअप शुरू करने वाली महिला उद्यमी की ख्याति तेजी से फैलती है।”
27 वर्ष की अवस्था में अपनी कंपनी जेटसेटगो शुरू करने वाली कणिका टेकरीवाल ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की।
टेकरीवाल ने कहा, “महिलाओं द्वारा शुरू होने वाले स्टार्टअप को पुरुषों की स्टार्टअप से अधिक ख्याति मिलती है। इस युग में एक महिला होना और स्टार्टअप शुरू करना संभवत: सबसे अच्छी बात है।”
बेस्ट डील टीवी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज कुंद्रा ने कहा कि भारतीय बाजार में पुरुषों का अभी भी वर्चस्व है, इसलिए महिलाओं का योगदान बढ़ाना होगा।
कुंद्रा ने कहा, “महिलाएं अधिक नवाचार करने वाली और मेहनती होती हैं। उनमें काफी क्षमता होती है।” उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी में महिला और पुरुष कर्मियों की संख्या बराबर की जाएगी।
पेटीएम के शर्मा ने कहा, “यद्यपि डिजिटल क्षेत्र में महिला उद्यमियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की जा रही है, फिर भी स्टार्टअप मालिकों का मानना है कि व्यापार में विविधता लाने के लिए महिलाओं की अधिक भागीदारी की जरूरत है।”
कुंद्रा ने कहा कि बेहतरीन युक्ति आम तौर पर महिलाओं से आती है। उन्होंने इस बात का भी विशेष तौर से उल्लेख किया कि उनकी अभिनेत्री पत्नी शिल्पा शेट्टी उनके कारोबार में विशेष योदान कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों को अपने व्यापार के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए।
शर्मा ने कहा कि आज महिलाएं बढ़चढ़ कर प्रौद्योगिकी अपना रही हैं। वे पीआर, मार्केटिंग और एचआर प्रतिनिधि की परिधि में सीमित न रहकर उससे बाहर निकल रही हैं।
महिलाओं के लिए सफलता हालांकि इतना भी आसान नहीं है।
टेकरीवाल ने कहा, “निवेशक महिला व्यवसाइयों के प्रति गंभीरता नहीं दिखाते। महिला उद्यमियों के लिए धन जुटाना कठिन होता है। कई बार कर्मचारी एक महिला अधिकारी की गंभीरता को नहीं समझ पाते।”
महिलाओं के लिए कॅरियर सर्च पोर्टल शेरोस की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सायरी चहल ने कहा, “महिलाओं के अपने स्टार्टअप के लिए कोष कम होने के कारण महिला उद्यमियों की संख्या कम है। उन्हें अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करना होता है।”
शर्मा ने उद्यमी बनने की चाह रखने वाली महिलाओं को नसीहत देते हुए कहा, “आप लोकप्रिय व्यापार चुनने से बचिए। महिला उद्यमियों को ऐसे स्टार्टअप में निवेश करना चाहिए, जिनमें उनकी रुचि हो।”
कुंद्रा ने कहा कि यदि महिलाएं थोड़ी तहकीकात करें और मौजूदा बाजार का विश्लेषण करें, तो उन्हें सफल होने से कोई रोक नहीं सकता है।
टेकरीवाल ने कहा कि महिला उद्यमियों की सफलता के लिए खुद में भरोसा रखना जरूरी है।
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