लखनऊ, 11 अगस्त (आईएएनएस)। महिला सशक्तीकरण और विशेषकर बालिका शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए जगद्गुरु कृपालु परिषद् (जेकेपी) की सराहना की गई है। महिला सशक्तीकरण पर जी मीडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जगद्गुरु कृपालु परिषद् की अध्यक्ष डॉ. विशाखा त्रिपाठी को परिषद् द्वारा किए जा रहे कार्यो के लिए सम्मानपत्र भेंट किया गया।
परिषद् द्वारा महिला शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से किए कार्यो के लिए प्रदान किए गए सम्मानपत्र को परिषद् के प्रतिनिधि राम पुरी ने ग्रहण किया।
इस अवसर पर आयोजित परिचर्चा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के रोजगार और उनकी सुरक्षा के लिए पूरे प्रदेश में अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की सभी महिलाओं, खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह महिला सशक्तीकरण में योगदान दे।
परिचर्चा में मुख्य सचिव आलोक रंजन, शिक्षाविद् डॉ. रूपरेखा वर्मा एवं उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्षा जरीना उस्मानी ने भी भाग लिया।
एक बयान में जगद्गुरु कृपालु परिषद् की अध्यक्षा डॉ. विशाखा त्रिपाठी ने कहा कि परिषद् द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे कार्य अनवरत जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस बात का भी पूरा प्रयास किया जाएगा कि बालिका शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक विस्तार किया जाए तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में नि:शुल्क आधुनिकतम सुविधाएं प्रदान की जाएं।
जगदगुरु कृपालु परिषद् को महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में योगदान के लिए मिले सम्मानपत्र पर हर्ष व्यक्त करते हुए परिषद् के प्रतिनिधि चार्टर्ड अकाउंटेंट राम पुरी ने बताया, “जगद्गुरु कृपालु परिषद् द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं में पांच हजार से भी ज्यादा बालिकाएं नि:शुल्क आधुनिक शिक्षा ग्रहण कर रही हैं और हमारा प्रयास है कि पिछड़े और ग्रामीण इलाकों की कोई भी बालिका गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।”
गौरतलब है कि कृपालु शिक्षा परिषद् द्वारा संचालित इन बालिका विद्यालयों में प्राइमरी से लेकर परास्नातक तक की शिक्षा पूर्णतया नि:शुल्क प्रदान की जाती है। इन विद्यालयों में सामान्य कोर्स के अलावा बीएड, एमबीए जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी चलाए जाते हैं, जहां लगभग पांच हजार छात्राएं शिक्षा ग्रहण करती हैं।
इन छात्राओं को उनके घर से लाने और पहुंचाने का कार्य भी परिषद् द्वारा ही किया जाता है। इसके अलावा पठन पाठन की संपूर्ण सामग्री भी छात्राओं को संस्था ही उपलब्ध कराती है।
बालिका शिक्षा के क्षेत्र में जगद्गुरु कृपालु परिषद् द्वारा किए जा रहे इस नेक कार्य के लिए उन्हें राजीव गांधी ग्लोबल एक्सीलेंस अवार्ड, नेल्सन मंडेला पीस पुरस्कार, नारी टुडे अवार्ड, मदर टेरेसा एक्सीलेंस अवार्ड एवं आशाएं संस्था की ओर से भी अवार्ड प्रदान किया जा चुका है।
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