खास बात यह कि सड़क को टूटे दो महीने हो गए हैं, किंतु अभी तक उसे ठीक करने का काम शुरू तक नहीं हो पाया है। सड़क के इस टूटे दो हिस्सों पर किसी ने लोहे के एंगिल रखकर पुल बना दिया है और इसपर से गुजरने वाले हरेक व्यक्ति से 10-20 रुपये किराया वसूला जाता है।
एंगिल पर चलते समय थोड़ा-सा पैर फिसला तो सीधे तीन-चार फुट गहरे गड्ढे में गिरने का खतरा भी बना रहता है।
दीप चंद सोनी रोज अपने काम के लिए इस सड़क से गुजरते हैं। वह बताते हैं, “सड़क पानी की वजह से टूट गई है। हमें बहुत परेशानी होती है और इसमें लगे एंगिल से गुजरने में डर भी लगता है कि कहीं मोटरगाड़ी नीचे न गिर जाए। यह गड्ढा तीन-चार फुट गहरा है। मैं दिन में दो बार काम पर जाने और लौटते वक्त इस सड़क से गुजरता हूं।”
एक अन्य स्थानीय निवासी विशम्भर दयाल बताते हैं, “यह सड़क रक्षाबंधन के समय ज्यादा बारिश होने की वजह से टूटी थी।”
सड़क पर एंगिल रखने वाले बलि राजपूत कहते हैं, “हमें एंगिल रखने के लिए किसी ने नहीं बोला है। हमने खुद से ये एंगिल लगाएं हैं। इन एंगिलों से हमारा और यहां से गुजरने वालों का काम चल रहा है, क्योंकि हम अपना दिन भर का खर्च निकाल लेते हैं, और लोग भी इन एंगिलों के सहारे सड़क से गुजर जाते हैं।”
राजपूत कहते हैं, “हम ये एंगिल पनवाड़ी ब्लॉक से किराए पर लाए हैं। हम रोज के 10 रुपये एक एंगिल के देते हैं। हमने यहां चार एंगिल लगाएं हैं। दिनभर में 40 गाड़ियां यहां से गुजरती हैं।”
इस सड़क के टूटने से हो रहे नुकसान के बारे में राम पाल बताते हैं, “20 गांवों के लोग यहां से गुजरते हैं। सभी गुजरने वालों को इसके कारण नुकसान हो रहा है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि हमारे बच्चों की पढ़ाई रुक गई है। वे इस सड़क से कैसे आ-जा सकते हैं। ये एंगिल लगाने वाले भी आदमी देखकर पैसे लेते हैं। किसी-किसी से 20 रुपये तो किसी से 50 रुपये तक ले लेते हैं।”
राहगीर राजू ने कहा, “हम 10 रुपये देकर निकले थे और अब पता नहीं कितने रुपये देते हैं।”
कुछ स्थानीय निवासी कहते हैं कि एंगिल लगाने वाले 10, 20 रुपये ले लेते हैं और रोज-रोज आने वालों से कभी-कभी पैसे नहीं भी लेते हैं। जरूरी काम से जाने वाले बिना हिचक पैसे दे भी देते हैं।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि यह देहात का इलाका है, इसलिए कोई अधिकारी बात नहीं सुनता है। सड़क टूटने की खबर अखबार में भी प्रकाशित हुई है, पर समस्या जस की तस बनी हुई है।
पी.डब्ल्यू.डी के जूनियर इंजीनियर, लक्ष्मी नारायण पंत बताते हैं, “इस सड़क के टूटने की वजह बीएसएनएल के तार हैं, जिन्हें बिछाने के लिए इस सड़क पर लाइन कटी पर उसे सही तरह से भरा नहीं गया और चूहों ने यहां अपना घर बना लिया। इसके चलते जब खेतों में पानी भरा तो उसने इस रास्ते से निकलकर सड़क को तोड़ दिया।”
विभाग की तरफ से सड़क की मरम्मत कब होगी? पंत ने इसपर कोई जवाब नहीं दिया।
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