झांसी, 19 अगस्त (आईएएनएस/आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के झांसी में मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एक महिला उस दिन को याद कर रो रही है जब उसने अपने बेटे को डांटा था और वह डांट से ऐसा क्षुब्ध हुआ कि उसने पहले उसकी मामता का आंचल और घर छोड़ा, इसके बाद उसने जिन्दगी ही छोड़ दी।
झांसी, 19 अगस्त (आईएएनएस/आईपीएन)। उत्तर प्रदेश के झांसी में मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एक महिला उस दिन को याद कर रो रही है जब उसने अपने बेटे को डांटा था और वह डांट से ऐसा क्षुब्ध हुआ कि उसने पहले उसकी मामता का आंचल और घर छोड़ा, इसके बाद उसने जिन्दगी ही छोड़ दी।
दरअसल उस महिला के लाडला चकरपुर चैकी इलाके में हाईवे मार्ग पर बेहोशी की हालत में पुलिस को लावारिस मिला था, जिसे झांसी मेडिकल कॉलेज लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मध्य प्रदेश के चकरपुर चौकी क्षेत्र के हाइवे मार्ग पर राहगीरों ने एक अज्ञात किशोर को खून से लथपथ बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ देखा और इसकी सूचना सम्बधित थाने की पुलिस को दी, जिस पर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और उस किशोर को आनन-फानन में उपचार के लिये झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराने का प्रयास शुरू किया, जिस पर बबीना थाना क्षेत्र के ग्राम चमरऊआ निवासी सन्तोष अपने परिवार के साथ मेडीकल कालेज पहुंचे और मृतक की शिनाख्त अपने 14 वर्षीय बेटे अमित के रूप में की।
मृतक के पिता सन्तोष ने रोते हुए बताया कि उसका बेटा अमित प्रेम नगर के सेंटज्यूट स्कूल में कक्षा ग्यारवीं का छात्र था। 16 अगस्त को वह कोचिंग नहीं जाना चाहता, जिसको लेकर अमित की मां ने उसकी डांट लगा दी। इस डांट से क्षुब्ध होकर वह गुमशुम घर में बैठ गया और शाम के लगभग 6 बजे मौका पाकर घर छोड़कर भाग गया।
काफी देर तक जब वह घर में नजर नहीं आया तो उन्होंने उसकी खोजबीन करनी शुरू कर दी। अभी वे अपने बेटे को खोज ही रहे थे कि उन्हें बुधवार को डोंगरी के ग्रामीणों से जानकारी हुई कि हाइवे मार्ग पर एक किशोर घायल अवस्था में मिला है। जिस पर वे लोग अपने पुत्र की तलाश करते हुये मेडीकल कालेज आये। फिलहाल पुलिस ने मृतक की शिनाख्त हो जाने पर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया और जांच शुरू कर दी।
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