नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने अपमानजनक टिप्पणी के मामले में केरल के मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता एम.वी. जयराजन को दोषी ठहराने के राज्य उच्च न्यायालय के फैसले को शुक्रवार को बरकरार रखा। हालांकि न्यायालय ने नेता की सजा छह महीने कैद से घटाकर चार माह कर दी।
न्यायमूर्ति विक्रमाजीत सेन की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने जयराजन को दोषी ठहराने के उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि उन्हें अपनी टिप्पणी पर कोई अफसोस नहीं है।
गौरतलब है कि जयराजन ने वर्ष 2009 में एक सभा के दौरान राज्य उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को ‘मूर्ख’ कहा था।
उच्च न्यायालय ने इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उन्हें अवमानना का दोषी ठहराया था और वर्ष 2010 में उन्हें छह माह कैद की सजा सुनाई थी।
हालांकि उन्हें एक सप्ताह जेल में बिताने के बाद सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी।
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