रोम, 9 जुलाई (आईएएनएस)। इटली फुटबाल टीम के पूर्व खिलाड़ी मार्को मातेराजी ने 10 साल बाद उस बात का खुलासा किया जिसकी वजह से फीफा विश्व कप-2006 के फाइनल में फ्रांस के दिग्गज खिलाड़ी जिनेदिन जिदान ने उन्हें सर से मारा था।
इस घटना के बाद रेफरी ने जिदान को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया था और इटली पेनाल्टी शूटआउट में फ्रांस को 5-3 से हराकर विश्व कप खिताब जीतने में सफल रही थी।
मातेराजी ने जिदान के लिए उकसाऊ टिप्पणी की थी, जिसके बाद दिग्गज खिलाड़ी ने प्रतिक्रिया में उनके सीने पर अपने सर से वार किया था।
मीडिया में फैली खबरों के मुताबिक मातेराजी ने जिदान की मां के बारे में अपशब्द कहे थे, लेकिन इटली के डिफेंडर ने इस बात को खारिज किया है।
ले इक्विपे ने मातेराजी के हवाले से लिखा है, “मैंने उन्हें बेवकूफ कहा था। लेकिन इस पर उन्होंने जैसी प्रतिक्रिया दी थी, वह सही नहीं थी।”
उन्होंने कहा, “आपने नेपल्स, मिलान या पेरिस की सड़कों पर इससे कहीं भद्दे अबशब्द सुने होंगे। मैं जब 15 साल का था तभी अपनी मां को खो दिया था, इसलिए मैं कभी उनकी मां की बेइज्जती नहीं कर सकता।”
मातेराजी ने कहा, “मैंने उनकी बहन के बारे बोला था।”
विश्व कप-2006 की यह घटना बेहद चर्चित रही थी और ऐसा माना जाता है कि इसी वाकए की वजह से जिदान गोल्डन बॉल अवार्ड से भी वंचित रह गए थे।
मातेराजी का कहना है कि उन्हें इस हादसे कि बजाय फाइनल में पेनाल्टी को गोल में बदलने के लिए याद किया जाना चाहिए क्योंकि इटली ने विश्व कप पर कब्जा जमाया था।
उन्होंने कहा, “लेकिन यह बात मायने नहीं रखती। मुझे किसी तरह की शिकायत नहीं है और न ही कभी रहेगी।”
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