ब्यूनस आयर्स, 2 नवंबर (आईएएनएस)। फुटबाल के दिग्गज खिलाड़ी माराडोना को अर्जेटीना के 2018 विश्व कप से बाहर होने का डर है।
विश्व कप-2018 का आयोजन रूस में होना है और यह एक माह तक चलेगा।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, पूर्व स्टार खिलाड़ी और राष्ट्रीय टीम के पूर्व कोच ने कहा कि फुटबाल के निर्णय लेने वाले संगठनों में उनके देश के हितों के बारे में कोई नहीं सोच रहा है।
माराडोना ने कहा कि दक्षिण अमेरिकी फुटबाल परिसंघ (कॉनमेबोल) या फीफा में ‘उनके देश का कोई भी प्रतिनिधि नहीं है।’
अर्जेटीना फुटबाल संघ (एएफए) का जिक्र करते हुए 56 वर्षीय माराडोना ने कहा, “हमारे लिए खड़ा होने वाला कोई नहीं है। एएफए में क्या हो रहा है, इस बारे में मैं चिंता क्यों न करूं?”
एएफए द्वारा चयन के बारे में माराडोना ने कहा कि वे किसी को भी शामिल कर ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम रूस विश्व कप से ही नहीं, बल्कि अंडर-15, अंडर-16, अंडर-18 और अंडर-20 सहित विश्व स्तर पर होने वाले सभी खेलों से बाहर हो सकते हैं।”
फीफा ने हाल ही में एक अयोग्य खिलाड़ी को टीम में शामिल करने पर बोलीविया पर दक्षिण अमेरिकी क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के दो मुकाबलों का प्रतिबंध लगाया है। इस फैसले से चिली को टूर्नामेंट की रैंकिंग में 16 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर पहुंचने में मदद मिली, वहीं अर्जेटीना छठे स्थान पर आ गया है।
इस स्थिति को देखते हुए माराडोना ने यह बयान दिया है।
माराडोना ने कहा कि एएफए की सफाई जरूरी है और अधिकारियों ने जो धन बनाया है उसे उन्हें लौटाने पर मजबूर करना चाहिए या फिर जेल भेज देना चाहिए।
10 नवम्बर को बेलो होरीजोंते में अर्जेटीना का मुकाबला ब्राजील से होगा, वहीं 15 नवम्बर को वह कोलंबिया से भिड़ेगा।
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