मुंबई, 11 मार्च (आईएएनएस)। बम्बई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को किंगफिशर एयरलाइंस और उसके संस्थापक विजय माल्या से बकाए की वसूली से संबंधित महाराष्ट्र सरकार के सेवा कर विभाग की एक याचिका पर अगली सुनवाई 28 मार्च को निर्धारित की।
विभाग ने कंपनी और माल्या से बकाया सेवा कर की वसूली के लिए बुधवार को याचिका दाखिल की थी। याचिका सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सीवी भदंग के समक्ष आया था।
अदालत ने याचिका दाखिल करने से पहले कंपनी और अन्य को समुचित तरीके से नोटिस नहीं भेजने को लेकर विभाग से सवाल किया और मामले की सुनवाई 28 मार्च को निर्धारित कर दी।
विभाग ने इससे पहले माल्या के विरुद्ध मुंबई के दंडाधिकारी के समक्ष दो मामले दाखिल किए थे। एक में 32.68 करोड़ रुपये और दूसरे में 23.38 करोड़ रुपये बकाया सेवा कर का दावा किया गया था, जो अलग-अलग अवधि के थे। एक पर सुनवाई जारी है, जबकि दूसरा मामला लंबित है।
विभाग माल्या पर कुल 150 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि बैंकों के एक कंशोर्टियम का भी कंपनी और माल्या पर हजारों करोड़ रुपये बकाया है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या के विरुद्ध काले धन की हेराफेरी का मामला दर्ज किया है।
विभाग ने माल्या का पासपोर्ट जब्त किए जाने और उनके देश से बाहर जाने पर रोक लगाए जाने की मांग की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक माल्या की राज्यसभा सदस्यता 30 जून को समाप्त होने वाली है और उसके बाद वह लंदन में समय बिताना चाहते हैं।
विभाग ने अपनी याचिका में कहा है कि किंगफिशर एयरलाइंस के यात्रियों से लिया गया कर का पैसा सरकार के पास जमा नहीं किया गया है, इसलिए माल्या और अन्य निदेशक कर चोरी के दोषी हैं और उनसे यह राशि वसूली जानी चाहिए।
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