मुंबई, 11 मार्च (आईएएनएस)। बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को किंगफिशर एयरलाइंस और उसके संस्थापक विजय माल्या से बकाए की सेवाकर की वसूली से संबंधित महाराष्ट्र सरकार के सेवा कर विभाग की एक याचिका पर अगली सुनवाई 28 मार्च को निर्धारित की।
विभाग ने कंपनी और माल्या से बकाया सेवाकर की वसूली के लिए बुधवार को एक अलग याचिका दाखिल की थी। याचिका सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति सीवी भदंग के समक्ष आई थी।
एक याचिका में विभाग ने दंडाधिकारी के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उसने 2010-11 में विमानन कंपनी के यात्रियों से वसूले गए करीब 32.68 करोड़ रुपये के कर को सरकार के पास जमा नहीं करने के मामले में माल्या और अन्य को अग्रिम जमानत दी थी।
एक अन्य याचिका में अदालत से माल्या तथा कंपनी के अन्य निदेशकों को यह आदेश देने की मांग की गई है कि वे छह अप्रैल को दंडाधिकारी की अदालत में और वर्तमान मामले में उच्च न्यायालय में भी उपस्थित रहें।
अदालत ने याचिका दाखिल करने से पहले कंपनी और अन्य को समुचित तरीके से नोटिस नहीं भेजने को लेकर विभाग से सवाल किया और ऐसा करने का आदेश देते हुए मामले की सुनवाई 28 मार्च को निर्धारित कर दी।
विभाग ने इससे पहले माल्या के विरुद्ध मुंबई के दंडाधिकारी के समक्ष दो मामले दाखिल किए थे। एक में 32.68 करोड़ रुपये और दूसरे में 23.38 करोड़ रुपये बकाया सेवा कर का दावा किया गया था, जो अलग-अलग अवधि के थे। एक पर सुनवाई जारी है, जबकि दूसरा मामला लंबित है।
विभाग माल्या पर कुल 150 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि बैंकों के एक कंसोर्टियम का भी कंपनी और माल्या पर हजारों करोड़ रुपये बकाया है। वहीं प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या के विरुद्ध कालेधन की हेराफेरी का मामला दर्ज किया है और उन्हें पूछताछ के लिए 18 मार्च को उपस्थित होने के लिए समन भेजा है।
विभाग ने माल्या का पासपोर्ट जब्त किए जाने और उनके देश से बाहर जाने पर रोक लगाए जाने की मांग की है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, माल्या की राज्यसभा सदस्यता इसीर साल 30 जून को खत्म होने वाली है और उसके बाद वह लंदन में समय बिताना चाहते हैं।
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