काहिरा, 15 नवंबर (आईएएनएस)। मिस्र की एक अदालत ने मंगलवार को बर्खास्त राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी की फांसी की सजा निरस्त कर दी और बड़ी संख्या में लोगों के जेल से भागने के मामले की फिर से सुनवाई करने का आदेश दिया। यह जानकारी मीडिया रपट से मिली।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मुर्सी को गत साल जून महीने में देश में साल 2011 के विद्रोह के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जेल से भागने के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई थी।
साल 2011 के विद्रोह के बाद मुर्सी पहले लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित राष्ट्रपति थे जिन्हें साल 2013 में वर्तमान राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल सीसी के नेतृत्व में हुए तख्तापलट में बर्खास्त कर दिया गया था।
तख्तापलट के तुरंत बाद मुर्सी को गिरफ्तार कर लिया गया था और जासूसी के दो चर्चित मामलों समेत कई आरोपों में लंबी जेल की सजा सुनाई गई थी। मंगलवार के अदालती आदेश का तात्पर्य है कि उन्हें अब फांसी नहीं दी जाएगी।
अदालत ने कहा कि प्रतिबंधित मुस्लिम ब्रदरहुड संगठन के पांच नेताओं के साथ मुर्सी पर नए सिरे से मुकदमा चलेगा और इस मामले में इन सभी की फांसी की सजा निरस्त हो गई है।
साल 2012 के दिसंबर महीने में प्रदर्शनकारियों की हत्या के आरोप में उनकी 20 साल कैद की सजा को अदालत ने गत महीने बरकरार रखा थी। मुर्सी के खिलाफ यह पहला फैसला था।
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