सरकारी समाचार एजेंसी मेना के अनुसार, समझौते पर मिस्र के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री सहर नासर और विश्व बैंक के मिस्र, यमन और जिबूती मामलों के क्षेत्रीय निदेशक असद आलम ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर मिस्र के प्रधानमंत्री शरीफ इस्लाम भी मौजूद थे।
काहिरा में समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद नासर ने संवाददाताओं से कहा, “यह ऋण सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए मिस्र की सरकार द्वारा उठाए गए कदमों में विश्व बैंक के भरोसे का प्रतीक है।”
विश्व बैंक के अधिकारी ने कहा कि बैंक ने मिस्र के लिए कुल आठ अरब डॉलर ऋण को मंजूरी दी है, जिसमें आम बजट में सहयोग के लिए यह तीन अरब डॉलर ऋण भी शामिल है।
आलम ने कहा, “इसके अलावा अन्य तीन अरब डॉलर ऋण विभिन्न क्षेत्रों की विकास परियोजनाओं के लिए और दो अरब डॉलर निजी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए है।”
मिस्र को अफ्रीका विकास बैंक से भी डेढ़ अरब डॉलर ऋण मिलने वाला है, जिसकी एक-तिहाई राशि पहली खेप में उसे जल्द ही मिल जाएगी।
मिस्र को 2014-15 में 11 फीसदी से अधिक बजटीय घाटे का सामना करना पड़ रहा है, जिसे वह इस साल दो फीसदी कम करना चाहता है।
गत चार साल से जारी राजनीतिक अस्थिरता के कारण मिस्र आर्थिक संकट से गुजर रहा है।
इसके अलावा अक्टूबर में उत्तरी सिनाई प्रांत में एक रूसी विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मिस्र का सबसे कमाऊ पर्यटन उद्योग भी संकट में घिर गया है।
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