मुंबई, 9 जनवरी (आईएएनएस)। मुंबई के प्रतिष्ठित पूर्व पुलिस आयुक्त जुलियो एफ. रिबेरो ने महानगर में 29 दिसंबर को हुए पब अग्निकांड की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने के लिए मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका(पीआईएल) दाखिल की। इस घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी।
रिबेरो(88) को बाद में पंजाब और गुजरात का पुलिस महानिदेशक भी बनाया गया था। वह कुछ दिनों तक रोमानिया में भारतीय राजदूत भी रहे थे।
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ने अपनी जनहित याचिका में, कमला मिल्स कम्पाउंड में लगी आग के लिए न्यायिक जांच आयोग गठित करने की मांग की है। कमला मिल्स परिसर में 26 दिसंबर को लगी आग द मोजो बिस्ट्रो और 1अबव तथा आस-पास के छतों पर फैल गई थी। इस घटना में 14 लोगों की मौत हो गई थी और 55 अन्य घायल हो गए थे।
रिबेरो ने अपने वकील सुजय कांटावाला के जरिए जनहित याचिका दाखिल करने के बाद आईएएनएस से कहा, “इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए मैंने पूरे शहर में सभी पबों, रेस्त्रां, होटलों और भोजनालयों में अनिवार्य फायर ऑडिट करवाने की मांग की है।”
उन्होंने बताया, “शीर्ष स्तर के किसी जिम्मेदार पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल गठित किया जाना चाहिए, जो इस घटना में शामिल बृहन्मुंबई नगर निगम(बीएमसी) के भ्रष्ट अधिकारियों की जांच करे, उनकी पहचान करे और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।”
रिबेरो ने आईएएनएस से कहा, “पब अग्निकांड के बाद, बीएमसी ने लगभग 500 अवैध निर्माण ढहाए थे, जिसका मतलब है कि इन्हें इन अवैध निर्माण की जानकारी थी।”
उन्होंने बीएमसी अधिकारियों पर आरोप लगाया कि रिश्वत लेकर और सभी सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर होटल और रेस्त्रां के निर्माण की इजाजत दी गई, लेकिन अब उनसे ‘कड़ाई से पेश’ आना चाहिए।
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