मॉस्को, 11 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यहां सोमवार को भारतीय संस्कृति के ‘नमस्ते रूस’ त्योहार का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, कला, संगीत एवं सिनेमा का सदियों से पूरा रूस लुत्फ उठाता रहा है और सदियों से पूरे देश में इसकी प्रशंसा होती रही है।
एक बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति ने कहा कि भारत में भी रूसी संस्कृति को बेहद सम्मान मिला है जो बैले, साहित्य व परंपराओं में झलकता है।
उन्होंने कहा, “रूस के गेरसिम लेबेदेव, जो यकीनन पहले यूरोपीय भारतविद् (इंडोलॉजिस्ट) थे, ने 220 साल पहले बंगाली थिएटर को समृद्ध बनाया था।”
मुखर्जी ने उम्मीद जताई कि रूस के सांस्कृतिक मंत्रालय के सहयोग से ‘नमस्ते रूस’ अगले छह महीनों में रूस के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचेगा।
राष्ट्रपति ने कहा कि समस्त रूस में भारतीय ललित कला के प्रति दिलचस्पी को देखते हुए इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस रूस के क्षेत्रीय केंद्रों में संगीत तथा नृत्य के भारतीय शिक्षकों को भेजेगा।
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