अबु धाबी, 28 दिसम्बर (आईएएनएस)। हमेशा से राष्ट्रीय फुटबाल टीम के भविष्य को लेकर खुले विचार प्रस्तुत करने वाले मुख्य कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन का कहना है कि वह अपने खिलाड़ियों की उम्र में नहीं, बल्कि उनकी क्षमता पर भरोसा करते हैं।
कांस्टेनटाइन का कहना है कि उन्होंने कभी भी सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के बीच भेदभाव नहीं किया।
अगले साल संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले एएफसी एशिया कप में भारत अपनी सबसे युवा टीम को उतार रही हैं। इसमें खिलाड़ियों की औसत उम्र 25 साल है।
कांस्टेनटाइन ने कहा, “मैंने कभी सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के बीच भेदभाव नहीं किया। वे सभी भारत के लिए खेलते हैं। मुझे उनकी उम्र में नहीं, बल्कि उनकी क्षमता में रुचि है। हमारी औसत उम्र 25 साल है। भारतीय फुटबाल के लिए यह स्थिति एकदम सही है, जहां हम अगले 10 वर्षो के लिए एक मजबूत टीम का निर्माण कर सकते हैं।”
कोच कांस्टेनटाइन ने कहा कि एएफसी एशिया कप टूर्नामेंट के बाद भारत के पास एक ऐसी फुटबाल टीम होगी, जिसके पास एशिया कप खेलने का अनुभव है।
कोच ने यह भी कहा कि भारतीय टीम पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, “हम पर कोई दबाव नहीं है। चार साल पहले किसी ने भी हमारे एशिया कप में क्वालीफाई करने की उम्मीद भी नहीं की थी। यह हम पर है कि हम स्वयं को इस टूर्नामेंट में पहुंचने और प्रतिस्पर्धा करने के काबिल साबित करें।”
भारतीय फुटबाल टीम छह जनवरी को अबु धाबी में थाईलैंड के खिलाफ एएफसी एशिया कप टूर्नामेंट का आगाज करेगी।
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