नई दिल्ली, 29 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) का उतनी तेजी से प्रसार नहीं हुआ, जितना वह चाहते थे।
मोदी ने आकाशवाणी पर अपने कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा, “मुद्रा (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफायनेंस एजेंसी) योजना छोटे उद्यमियों की मदद के लिए शुरू की गई है, लेकिन इसका उतनी तेजी से प्रसार नहीं हुआ, जितनी तेजी से मैं चाहता था।”
मुद्रा बैंक के तहत मुद्रा योजना की स्थापना छोटी इकाइयों के विकास और वित्तीयन के लिए की गई है।
मोदी ने कहा, “लेकिन शुरुआत अच्छी है। अब तक करीब 66 लाख लोगों को इसका लाभ मिल चुका है और इस योजना के तहत 42 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इन 66 लाख लोगों में 24 लाख महिलाएं हैं।”
उन्होंने कहा कि दलित, जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों ने इसका सर्वाधिक लाभ उठाया है। ये वे लोग हैं, जिन्होंने अपने परिवार का भरण-पोषण करने का बीड़ा खुद उठाया है।
उन्होंने कहा, “इस योजना से नाइयों, धोबियों, दूध बेचने वालों, अखबार बेचने वालों और ऐसे अन्य छोटे कामगारों की मदद करने की कोशिश की जा रही है, जो देश की अर्थव्यवस्था चला रहे हैं।”
मोदी ने कहा, “यह योजना उद्यम को बढ़ावा देती है, आय का अवसर प्रदान करती है और लोगों का सशक्तीकरण करती है। यह छोटे उद्यमियों की मदद करती है।”
उन्होंने कहा, “मुझे भोपाल की ममता शर्मा के बारे में पता चला है, जिसे योजना से 40 हजार रुपये मिले हैं।”
मोदी ने कहा, “वह एक वॉलेट बनाने का कारोबार कर रही हैं। वह पहले भी वॉलेट बना सकती थीं, लेकिन ऊंची ब्याज दर के कारण यह कठिन था।”
dharmpath.com dharmpath