नई दिल्ली, 11 जुलाई (आईएएनएस)। चना का बाजार पिछले दो हफ्ते से गरम चल रहा था, जिससे कीमतों में तकरीबन 400 रुपये तक की तेजी आई। हालांकि ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली के कारण पिछले दो दिनों से कीमतों में हाजिर और वायदा कारोबार में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन दोहपर बाद के कारोबार के दौरान कीमतों में रिकवरी दर्ज की गई।
हालांकि चना कारोबारियों ने बताया कि हाजिर बाजार में मौजूदा आपूर्ति कमजोर है और आगे त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले दाल मिलों की लिवाली बढ़ सकती है। ऐसे में दोबारा तेजी लौटने की पूरी संभावना है।
दिल्ली के लॉरेंस रोड मंडी में बुधवार को राजस्थान लाइन चना 4,000 रुपये प्रति क्विं टल और मध्यप्रदेश लाइन चना 3,900 रुपये प्रति क्विं टल था।
चना कारोबारी पवन गुप्ता ने बताया कि पिछले काराबारी सत्र के मुकाबले कीमतों में 50 रुपये प्रतिक्विं टल की गिरावट आई है। उन्होंने कहा, “मुनाफावसूली के कारण चने का भाव टूटा है मगर आगे और तेज होने की पूरी संभावना है।” गुप्ता ने कहा कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4,400 रुपये प्रति क्विं टल के भाव से चना किसानों से खरीदी है। अगर, कीमत घटाकर सरकारी एजेंसियों ने चना नहीं बेचा तो यह बाजार में 4,600-4,700 रुपये प्रति क्विं टल तक बिक सकता है। ऐसे में चने की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है।
इंडिया पल्सेस एंड ग्रेन्स एसोसिएशन के वाइस चेयरमैन विमल कोठारी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि इस साल देश में चने का पैदावार ज्यादा होने से कीमतों में काफी गिरावट आ गई थी, लेकिन अब सुधार हो रहा है।
उन्होंने कहा, “राजस्थान, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र आदि प्रमुख चना उत्पादक प्रदेशों में सरकारी एजेंसियों ने 27 लाख टन चना एमएसपी पर खरीदा है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं कोई भविष्यवाणी नहीं करुं गा। मगर चने पर 66 फीसदी आयात शुल्क लगने से आयात होने की संभावना नहीं है और मटर का आयात रुकने से मटर की मांग चने की तरफ आ सकती है, जिससे चने की मांग बढ़ेगी।”
केंद्रीय कृषि मंत्रालय की ओर से फसल वर्ष 2017-18 (जुलाई-जून) के लिए जारी तीसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार देश में इस साल चना का उत्पादन 116.6 लाख टन है, जबकि पिछले साल 2016-17 में चने का उत्पादन 93.8 लाख टन था।
देश में कृषि उत्पादों का सबसे बड़ा वायदा बाजार नेशनल कमोडिटी एंड डेरीवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) पर बेंचमार्क अगस्त डिलीवरी चना छह रुपये की कमजोरी के साथ 3,853 रुपये प्रतिक्विं टल पर बना हुआ था, जबकि इस अनुबंध में 3,801 रुपये से लेकर 3,871 रुपये प्रतिक्विं टल के बीच कारोबार हुआ।
एनसीडीईएक्स पर जुलाई डिलीवरी चना का अनुबंध अपराह्न् 3.45 बजे एक रुपये की कमजोरी के साथ 3,809 रुपये प्रति क्विं टल था जबकि वायदा 3,810 पर खुला और 3,822 और 3,757 रुपये प्रति क्विंटल के बीच कारोबार हुआ।
इससे पहले 26 जून को 3,423 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ था जबकि 10 जुलाई को 3,880 रुपये प्रति क्विंटल तक उछला हालांकि पिछले कारोबार सत्र की तुलना में 14 रुपये की कमजोरी के साथ 3806 पर बंद हुआ।
मध्यप्रदेश की नीमच मंडी में चना बुधवार को 3,500 रुपये प्रति क्विं टल था। स्थानीय कारोबारी पीयूष गोयल ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में चने के भाव में तीन सौ रुपये प्रति क्विं टल तक की तेजी दर्ज की गई है।
dharmpath.com dharmpath