इस्लामाबाद, 11 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के खिलाफ राजद्रोह के आरोप की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने बुधवार को उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया। वह पिछले दो महीने से इलाज के लिए देश से बाहर हैं।
डॉन डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेष अदालत के न्यायाधीश मजहर आलम खान, न्यायाधीश सईदा ताहिरा सफदर और न्यायाधीश मुहम्मद यावर अली की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने मुशर्रफ को हाजिर होने के लिए कई समन भिजवाने के बाद भगोड़ा घोषित कर दिया।
अदालत ने अभियोजन पक्ष को उर्दू और अंग्रेजी दोनों ही अखबारों में मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित करने के विज्ञापन प्रकाशित करवाने के निर्देश दिए और कहा कि अदालत और मुशर्रफ के घर के बाहर उन्हें भगोड़ा घोषित करने वाले पोस्टर लगाए जाएं।
अभियोजन पक्ष को इसके अलावा 12 जुलाई को होने वाली सुनवाई में मुशर्रफ की सभी संपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
अदालत ने संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को 30 दिनों के अंदर मुशर्रफ को पकड़ कर अदालत में पेश करने को कहा है।
मुशर्रफ सर्वोच्च न्यायालय की अनुमति के बाद कुछ ही महीनों में लौटने के वादे के साथ 18 मार्च को इलाज के लिए दुबई गए थे। इससे पहले सरकार ने मुशर्रफ के देश छोड़ने पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया था।
मुशर्रफ पर 3 नवंबर 2007 को देश में आपातकाल लागू करने के जुर्म में मार्च 2014 में आधिकारिक रूप से राजद्रोह का आरोप तय किया गया था।
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