वॉशिंगटन, 12 मई (आईएएनएस)। रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिमों पर प्रतिबंध लगाने के अपने प्रस्ताव को ‘महज एक सलाह’ बताया है।
‘फॉक्स न्यूज’ को बुधवार को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने अमेरिका में मुस्लिमों के प्रवेश पर अस्थायी तौर पर प्रतिबंध लगाने के अपने रुख को थोड़ा नरम किया है।
ट्रंप ने कहा, “हमारी समस्या गंभीर है। यह प्रतिबंध अस्थायी है। अभी इसे लागू भी नहीं किया गया है। किसी ने ऐसा नहीं किया है। जब तक हमें पूरी स्थिति का पता नहीं लग जाता, तब तक के लिए यह महज एक सलाह है।”
‘पोलिटिको’ की रिपोर्ट के मुताबिक, लेकिन ट्रंप ने दुनिया में आतंकवाद फैलाने में मुस्लिमों की भूमिका पर बिना किसी लाग-लपेट के बात की।
ट्रंप ने कहा, “पूरी दुनिया में कट्टरपंथी इस्लाम है। आप पेरिस जा सकते हैं, सैन बर्नार्डिनो या पूरी दुनिया में। अगर वे इस बात से इनकार करना चाहें तो कर सकते हैं। लेकिन, मैं इस बात से इनकार नहीं करना चाहता।”
ट्रंप की यह टिप्पणी उनके उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह एक ‘अपवाद’ के तौर पर सादिक खान को अमेरिका में लंदन के पहले मुस्लिम मेयर के रूप में आने की छूट देंगे।
उन्होंने लंदन के मेयर के रूप में खान के चुने जाने पर अपनी खुशी जताते हुए न्यूयॉर्क टाइम्स से मंगलवार को कहा था, “अपवाद हमेशा रहेंगे।”
सादिक खान, ट्रंप की इस टिप्पणी से कतई प्रभावित नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि मैनहट्टन के अरबपति (ट्रंप) इस्लाम के बारे में नहीं जानते और वह आशा करते हैं कि ट्रंप चुनाव हार जाएंगे।
ट्रंप अपनी कर योजना, गर्भपात और किन्नरों द्वारा जन शौचालयों के इस्तेमाल जैसे कई मुद्दों पर विवादास्पद बयान देते रहे हैं।
ट्रंप के विचारों ने उनकी उम्मीदवारी के प्रति रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिकी प्रतिनिधिसभा के अध्यक्ष पॉल रेयान सहित कई शीर्ष रिपब्लिकन ने कहा है कि वे आम चुनाव में ट्रंप का समर्थन नहीं करेंगे।
ट्रंप मतभेदों को दूर करने के मकसद से गुरुवार को सीनेटर मिच मैक्कॉनेल, रेयान और अन्य नेताओं से मुलाकात करेंगे।
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