यह ख़बर सीरियाई टीवी चैनल “अल-मयादिन” पर प्रसारित की गई है। इन इस्लामवादियों को देश के गिरजों को तबाह करने और सैनिकों पर हमले करने के दोषी पाया गया है।
इससे पहले मिस्र के न्यायिक बोर्ड ने देश की अदालत से सिफ़ारिश की थी कि “मुस्लिम बिरादरी” को भंग कर दिया जाए जोकि एक ग़ैर-सरकारी संगठन के रूप में पंजीकृत है। इस मामले पर पहली सुनवाई 12 नवंबर के लिए निर्धारित है।
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