कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने सोमवार को कहा कि उनका देश भयंकर सूखे से गुजर रहा है और उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन मेकॉन्ग नदी में पानी छोड़ता रहेगा। मेकॉन्ग नदी चीन से निकलती है और म्यांमार, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया तथा वियतनाम से गुजरती है। चीनी भूभाग में इसे ‘लंकांगनदी’ के नाम से जाना जाता है।
प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि निचले हिस्सों में बसे देशों में सूखे की स्थिति पर विचार करते हुए चीन ने मेकॉन्ग नदी में पानी का प्रवाह बनाए रखने का फैसला किया है, जो 11 अप्रैल से शुरू हुआ है और पानी की कमी पूरी होने तक जारी रहेगा। पानी की आपूर्ति मात्रा ऊंचाई वाले इलाकों के हालात व निचले देशों में जरूरत पर निर्भर करेगी।
निचले हिस्से में बसे देशों के आग्रह पर चीन ने युन्नान प्रांत के जिनझोंग पनबिजली केंद्र से 15 मार्च से 10 अप्रैल तक नदी में पानी की आपूर्ति की थी।
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