मेक्सिको के राष्ट्रपति ने रखा समलैंगिक विवाह का प्रस्ताव

होमोफोबिया, ट्रांसोफोबिया तथा बायोफोबिया के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर नीटो ने मंगलवार को कहा कि समलैंगिक विवाह को मान्यता देने का प्रस्ताव सर्वोच्च नयायालय के पिछले साल के उस निर्णय के अनुरूप है, जिसमें अदालत ने समलैंगिक विवाह को प्रतिबंधित करने वाले राज्य के कानून को असंवैधानिक करार दिया था।

समलैंगिकता के समर्थकों से घिरे नीटो ने कहा कि मेक्सिको के संविधान के अनुच्छेद चार में संशोधन का उनका प्रस्ताव वास्तव में ‘एक मानवाधिकार है, जो लोगों को बिना किसी भेदभाव के विवाह करने की आजादी देता है।’

उन्होंने कहा, “विवाह स्थानीयता, राष्ट्रीयता, अपंगता, सामाजिक, स्वास्थ्य, धर्म, लिंग, लैंगिक रूझान आदि के आधार पर बिना किसी भेदभाव के होना चाहिए और इसलिए यह प्रस्ताव रखा गया है।”

नीटो ने कहा कि वह मेक्सिको को दुनियाभर में एलजीबीटी समुदाय (लेस्बियन, गे, उभयलिंगी, ट्रांसजेंडर) के अधिकारों के पैरोकार के रूप में स्थापित करना चाहते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि मेक्सिको इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के विश्लेषक समूह में भी शामिल होगा।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493