गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता की तरह कार्य करने के लिए चर्चित निलंबित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ आरटीआई कार्यकर्ता संजय शर्मा ने लोकायुक्त को शिकायतों का पिटारा भेजा है।
ठाकुर ने लोकायुक्त से कहा है कि ये शिकायतें कपोल-कल्पनाओं पर आधारित हैं। शिकायत की गई है कि बिना किसी साक्ष्य के अमिताभ ठाकुर ने स्वयं अपनी पत्नी और मां के नाम से कालेधन से प्रॉपर्टी खरीदी है। उन्होंने एक संस्था बनाकर कालेधन को सफेद किया और नौकरी दिलाने के नाम पर महिलाओं का यौन शोषण करते हैं।
ठाकुर ने कहा कि सत्य यह है कि उनकी पत्नी विवाह के समय से ही अपना स्वतंत्र कार्य कर रही हैं और उनके माता-पिता बोकारो स्टील प्लांट की नौकरी में थे और करीब 40 साल से आयकर दाता हैं। अन्य आरोप भी पूरी तरह गलत हैं।
अमिताभ ठाकुर ने लोकायुक्त से अनुरोध किया है कि वह शिकायतकर्ता को आरोपों के संबंध में साक्ष्य और तथ्य देने के निर्देश दें तथा सिर्फ कयासों पर आधारित शिकायतों से उनके परिवार के लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के घिनौने प्रयासों से बचाएं।
आईपीएस अमिताभ ने खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ लोकायुक्त से शिकायत की थी और इसी को लेकर सत्ताधारी समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव पर फोन कर धमकाने का आरोप लगाया था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना आईपीएस अमिताभ को अब भारी पड़ रहा है।
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