मेसी ने अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया (राउंडअप)

ईस्ट रदरफोर्ड (न्यूजर्सी), 27 जून (आईएएनएस)। चार बार बालोन डी ओर पुरस्कार अपने नाम कर चुके अर्जेटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने चिली के हाथों कोपा अमेरिका के सौवें संस्करण का खिताबी मुकाबला हारने के बाद हताश होकर अंतर्राष्ट्रीय खेल से संन्यास की घोषणा कर दी है।

मेसी (29) ने रविवार रात कहा, “मेरे लिए राष्ट्रीय टीम का साथ यहीं खत्म होता है। मैं जो कर सकता था, मैंने किया। चैंपियन न बन पाने का ख्याल तकलीफ देता है।”

टूर्नामेंट में रविवार रात को हुए खिताबी मुकाबले में अर्जेटीना को चिली के हाथों पेनल्टी शूटआउट में 2-4 से हार का सामना करना पड़ा था।

मेसी ने कहा, “मेरे और टीम के लिए यह काफी मुश्किल पल है और यह कहना कठिन है लेकिन अर्जेटीना टीम के साथ सफर यहीं समाप्त होता है।”

जीत का लक्ष्य रखने वाले मेसी जैसे खिलाड़ी का संन्यास की घोषणा करना एक निराशाजनक सूचना है।

बार्सिलोना के साथ मेसी आठ ला लीगा खिताब और चार चैम्पियंस लीग खिताब जीत चुके हैं। हालांकि, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ा सम्मान उन्हें 2008 ओलम्पिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर मिला था।

दो बार कोपा अमेरिका टूर्नामेंट में चिली के हाथों पेनल्टी शूटआउट में हार झेल जुकी अर्जेटीना की टीम को 2014 विश्व कप के फाइनल में जर्मनी से 0-1 से मात मिली थी।

चिली और अर्जेंटीना के बीच कोपा अमेरिका के सौवें संस्करण का फाइनल मुकाबला काफी रोमांचक रहा। मुकाबले के तय समय पर एक भी गोल नहीं हो पाया, जिसके कारण यह मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुंचा।

पेनल्टी शूटआउट में चिली की ओर से दागे गए पांच में से चार गोल लक्ष्य तक पहुंचे, जबकि अर्जेटीना केवल दो ही गोल दागने में कामयाब रहा। मेसी अपने गोल से चूक गए।

इस असफल हुए गोल से मेसी काफी निराश हो गए और उनकी आंखों में छलकते आंसुओं को साफ देखा जा सकता था।

मुकाबले के बाद उन्होंने संवाददाताओं को बताया, “यह काफी मुश्किल है। ड्रेसिंग रूम में मैंने सोचा था कि मेरा राष्ट्रीय टीम के साथ सफर अब समाप्त है। मैं एक महत्वपूर्ण पेनल्टी से चूक गया।”

मेसी ने कहा, “मैंने अर्जेटीना को साथ एक चैम्पियन खिलाड़ी बनने की काफी कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। मैं ऐसा नहीं कर पाया। मुझे लगता है कि यह फैसला मेरे लिए, कई लोगों और हर किसी के लिए सही है। मैंने कई बार कोशिश की, लेकिन नहीं हो पाया।”

बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी ने कहा कि उन्होंने चार फाइनल मुकाबलों में जीत हासिल करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और इसलिए, अब समय पूरा होता है।

मेसी ने 2005 में खेल जगत में कदम रखा। उन्होंने 113 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं और अपने देश के लिए सबसे अधिक (55 गोल) गोल दागने वाले खिलाड़ी हैं।

अर्जेटीना के कोच गेराडरे मार्टिनो ने मेसी से सांत्वना जताते हुए कहा, “पिछले दो साल से हार का बोझ झेला जा रहा था। उन्हें फाइनल मुकाबलों में हार झेलने के बाद किसी भी अन्य फुटबाल खिलाड़ी जैसा ही महसूस होता था।”

कोच ने कहा कि अचानक से एक बार फिर हार मिलना काफी दुख दायी होता है। हालांरि, चिली की राष्ट्रीय फुटबाल टीम के कोच जुआन एंटोनियो पिज्जी ने मेसी अब तक के सर्वश्रेष्ठ फुटबालर करार दिया।

उन्होंने कहा, “मैं जानता हूं कि नंबरों का क्या महत्व होता है और मेसी की उपलब्धियां बेजोड़ हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई इस स्तर तक पहुंच पाएगा, क्योंकि उन्होंने जो खोजा उसे खोजना किसी अन्य खिलाड़ी के लिए असंभव है। मेरा अपना मानना है कि मेसी आज तक के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं।”

अर्जेटीना के दिग्गजल डिएगो माराडोना की विरासत को आगे ले जाने के दौरान मेसी को काफी दबावों का सामना करना पड़ा, लेकिन पिज्जी का माना है कि दोनों की तुलना करना काफी मुश्किल है।

पिज्जी ने कहा, “मेरी पीढ़ी माराडोना की तुलना मेसी से नहीं कर सकती।”

कोच ने खिताब जीतने वाली अपनी टीम चिली की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने एक मजबूत राष्ट्रीय टीम के निर्माण में काफी मदद की है।

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