नई दिल्ली, 24 नवंबर (आईएएनएस)। सरकार द्वारा नेस्ले इंडिया के विरुद्ध 640 करोड़ रुपये का क्लास एक्शन सूट दाखिल किए जाने के बाद देश की शीर्ष उपभोक्ता अदालत ने मंगलवार को कहा, “मैगी के नमूनों की अंतहीन जांच नहीं हो सकती है।”
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोग (एनसीडीआरसी) के न्यायमूर्ति वी.के. जैन और न्यायमूर्ति बी.सी. गुप्ता की पीठ ने जांच के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
पीठ ने कहा कि 31 नमूनों पर फिर से जांच पर वह बाद में फैसला लेगी। सरकार के वकील ने सोमवार को आयोग से मैगी नूडल के 31 नमूनों की फिर से जांच कराए जाने का अनुरोध किया था।
पीठ हालांकि 31 नमूनों की जांच के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गई है, फिर भी उसने फैसला सुरक्षित रख लिया और कहा कि फैसला बाद में दिया जाएगा।
31 नमूने सरकार ने पेश किए हैं।
अदालत यह फैसला भी बाद में करेगी कि यदि इन नमूनों की जांच की जाएगी, तो कहां की जाएगी।
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