अस्ताना, 8 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कजाकिस्तान के राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव को उनके 75वें जन्मदिन की बधाई दी और देश की प्रगति को लेकर उनके नजरिये की सराहना की।
मोदी ने तेल संपन्न कजाकिस्तान दौरे के दूसरे दिन राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव से मुलाकात की। दौरे की शुरुआत में अकोर्डा प्रेसीडेंशियल पैलेस में उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने 1989 से कजाकिस्तान के राष्ट्रपति पद पर आसीन नजरबायेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति नजरबायेव को उनके 75वें जन्मदिन की बधाई दी और कजाकिस्तान की प्रगति को लेकर उनके दृष्टिकोण को सराहा।”
उन्होंने लिखा, “राष्ट्रपति नजरबायेव ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और इसे भारत की आध्यात्मिक विरासत बताया।”
विकास स्वरूप ने लिखा, “भारत-कजाकिस्तान के बीच हाइड्रोकार्बन, यूरेनियम, उर्वरक, आईटी पार्क, अंतरिक्ष, रक्षा, संपर्क, संयुक्त राष्ट्र सुधार, आतंकवाद से मुकाबला सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।”
इससे पूर्व मोदी ने नजरबायेव से मुलाकात कर उन्हें उन धर्मो से जुड़ी किताबें भेंट की, जिनका विकास भारत में हुआ। इनमें गुरु ग्रंथ साहिब का अंग्रेजी अनुवाद और दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय की पांडुलिपियों की प्रतिकृतियां भी थीं।
प्रतिकृतियों में जैन धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथों में से एक जैन आचार्य भद्रबाहु के प्राकृत में लिखे ग्रंथ ‘कल्पसूत्र’, संस्कृत में लिखे बौद्ध धर्म के सबसे महत्वपूर्ण शास्त्र ‘अष्टसहस्रिका प्रज्ञापरमिता’ और वाल्मीकि रामायण का पारसी अनुवाद शामिल है।
‘लीडर ऑफ द नेशन’ की आधिकारिक उपाधि पाने वाले नजरबायेव पूर्व इस्पात कर्मी हैं, जिन्होंने बाजार में सुधारों पर बल दिया। उन्होंने करीब 1.70 करोड़ की आबादी वाले कजाकिस्तान को पूर्व सोवियत संघ में रूस के बाद दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और तेल उत्पादक के रूप में विकसित किया।
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