न्यूयॉर्क, 29 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच दिवसीय अमेरिका यात्रा का सोमवार को समापन हो गया। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ जलवायु परिवर्तन पर वार्ता की और शांति अभियानों पर संयुक्त राष्ट्र के एक सम्मेलन के दौरान सुरक्षा परिषद में सुधार पर जोर दिया।
मोदी ने अपने अमेरिकी दौरे के दौरान वेस्ट कोस्ट, सैन होजे की भी यात्रा की, जहां उन्होंने अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की।
मोदी ने भारत के लिए रवाना होने से पूर्व कहा कि उनकी अमेरिका यात्रा भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों की अभूतपूर्व गंभीरता और विविधता को दर्शाती है। उनकी इस यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा की गई।
भारत रवाना होने से पहले मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और उसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद से भी द्विपक्षीय मुलाकात की।
भारत-अमेरिका सम्मेलन में मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता के साथ एक-दूसरे का गर्मजोशी से अभिवादन किया।
बाद में ओबामा ने एक बयान जारी कर इस साल जनवरी में भारत के गणतंत्र दिवस के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर अपने भारत दौरे को याद करते हुए इसे अद्भुत बताया।
ओबामा ने कहा, “मैं स्वच्छ ऊर्जा को लेकर उनकी प्रतिबद्धता से प्रोत्साहित हूं और मुझे लगता है कि जलवायु परिवर्तन पर पेरिस में होने जा रहे सम्मेलन में भारतीय नेतृत्व न सिर्फ आज के लिए, बल्कि आने वाले कई दशकों के लिए मानदंड स्थापित करेगा।”
दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, रक्षा और शिक्षा पर भी चर्चा की।
मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के लिए स्थाई सीट पर अमेरिकी समर्थन के लिए ओबामा का आभार व्यक्त किया।
मोदी ने कहा कि उनका देश एशिया प्रशांत आर्थिक समुदाय में भारत की जल्द से जल्द सदस्यता के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पांच दिवसीय अमेरिकी यात्रा के आखिरी चरण में फिलिस्तीन के राष्ट्रपति मोहम्मद अब्बास और मेक्सिको के राष्ट्रपति एनरिक पेना निएटो से भी द्विपक्षीय वार्ता की।
मोदी ने भारत रवाना होने से पूर्व अपनी इस यात्रा के दौरान उनके भव्य स्वागत और आतिथ्य-सत्कार के लिए अमेरिकी लोगों का आभार व्यक्त किया।
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