उफा (रूस), 9 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ब्रिक्स देशों से समूहों, देशों, प्रायोजकों या लक्षित देशों के बीच बिना कोई भेदभाव किए आतंकवाद व अतिवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
चीन पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए अपने संदेश में मोदी ने कहा कि शांति व स्थिरता प्रगति व समृद्धि के लिए आवश्यक है और यह देशों की जिम्मेदारी है कि वे आतंकवाद व अतिवाद से निपटने के लिए एकजुट हों।
ब्रिक्स के पूर्ण अधिवेश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “हमें समूहों, देशों, प्रायोजकों या लक्षित देशों के बीच बिना कोई भेदभाव किए आतंकवाद व अतिवाद के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।” इस अधिवेशन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, ब्राजील के राष्ट्रपति डिलमा रोसेफ व दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र संकल्प का उल्लंघन करते हुए पाकिस्तान द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी जकीउर रहमान लखवी की रिहाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की भारत की मांग के आगे पिछले महीने चीन रोड़ा बनकर खड़ा हो गया था।
उफा में बुधवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भी मोदी ने इस मुद्दे को शी के समक्ष उठाया था।
मोदी-शी वार्ता से मीडिया को रूबरू कराते हुए विदेश सचिव एस.जयशंकर ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने भारत की चिंता को चीन के राष्ट्रपति के समक्ष उठाया है।
ब्रिक्स व्यापार परिषद को संबोधित करते हुए मोदी ने एकतरफा प्रतिबंधों पर चुटकी लेते हुए कहा कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है।
उनकी इस टिप्पणी को पश्चिम देशों द्वारा यूक्रेन संकट को लेकर रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है।
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