मोदी ने केरल के लिए 500 करोड़ रुपये सहायता राशि की घोषणा की (लीड-2)

कोच्चि, 18 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित केरल के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की।

केरल में भारी बारिश और बाढ़ के चलते मची तबाही में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है, लाखों बेघर हो गए हैं और करोड़ों रुपये की संपत्ति बुरी तरह नष्ट हो गई है।

प्रधानमंत्री शुक्रवार रात को दिल्ली से केरल पहुंचे। उन्होंेने शनिवार को बाढ़ के कारण होने हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण किया। हालांकि, खराब मौसम की वजह से वह सिर्फ कुछ प्रभावित क्षेत्रों का ही सर्वेक्षण कर पाएं।

उफनती नदियों और भूस्खलन के चलते हुए हादसों में शनिवार सुबह तक मरने वालों की संख्या 180 तक पहुंच गई, जबकि तीन लाख लोगों को मजबूरन 2,000 राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी।

इससे पहले खराब मौसम के कारण मोदी के हवाई सर्वेक्षण को रोक देना पड़ा था।

हवाई सर्वेक्षण रद्द होने के बाद मोदी ने राज्यपाल पी. सतशिवम, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की और राज्य में व्यापक विनाश की एक वीडियो क्लिप देखी।

आधिकारिक बयान में कहा गया, “प्रधानमंत्री ने राज्य को 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है। यह 12 अगस्त को घोषित 100 करोड़ रुपये से अलग है। उन्होंने राज्य सरकार को आश्वासन दिया कि अनुरोध के अनुसार खाद्यान्न, दवाइयों सहित राहत सामग्री प्रदान की जाएगी।”

मोदी ने प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के रिश्तेदारों को दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की।

बीमा कंपनियों को भी प्रभावित परिवारों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लाभार्थियों को मुआवजे के निर्धारण और समय पर इसे दिए जाने को लेकर विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों के लिए फसल बीमा योजना के तहत दावों की प्रारंभिक मंजूरी के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

बयान में कहा गया है कि जिन ग्रामीणों के घर बाढ़ में नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण घर के तहत प्राथमिकता के आधार पर घर उपलब्ध कराए जाएंगे।

बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने को लेकर किए गए प्रयासों के लिए राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने देखा कि बाढ़ में फंसे लोगों को बचाना अभी भी सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

राहत एवं बचाव कार्यो में सेना, वायुसेना और नौसेना के नेतृत्व में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमों के साथ 1,300 कर्मियों और 435 नौकाओं को तैनात किया गया है।

संसाधनों को पहुंचाने के लिए 20 विमानों के अलावा 38 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं।

सेना ने इंजीनियरिंग टास्क फोर्स (ईटीएफ) से जुड़े लगभग 10 टुकड़ियों और 10 टीमों को तैनात किया है, जिसमें करीब 790 कर्मी शामिल हैं।

नौसेना ने दो हेलीकॉप्टरों, दो जहाजों के साथ 82 टीमों, 42 तटरक्षक गार्ड तैनात किए हैं।

बचाव और राहत कार्यो के लिए अर्धसैनिकबलों की पांच कंपनियों को भी तैनात किया गया है।

नौ अगस्त से लेकर अब तक लगभग 7,000 लोगों को बचाया जा चुका है और करीब 900 लोगों को चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराई गई है।

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