राहुल ने कहा कि मोदी किसानों का कर्ज माफ करने वाले थे, लेकिन कर्ज माफ किया अपने 15 मित्रों का जो हिंदुस्तान के सबसे अमीर आदमी हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मनरेगा योजना चलाने के लिए एक वर्ष में 35 हजार करोड़ रुपये खर्च होता था। इतने पैसों से लाखों परिवारों की रोजी-रोटी चलती थी, लेकिन मोदी ने अपने चुनिंदा उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए इससे कहीं ज्यादा उन लोगों का 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपये का कर्ज माफकर दिया, जिसमें नीरव, ललित मोदी और माल्या जैसे लोग हैं। दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ सहित देश के कई राज्यों में कर्ज से दबे किसान लगातार आत्महत्या कर रहे थे। केंद्र में जब यूपीए की सरकार थी तो 70 हजार लोगों का कर्ज माफ किया गया था।
राहुल ने कहा, “मोदी और रमन सरकार ने किसानों का बोनस छीन लिया। रमन ने तो अपने मित्रों के लिए आप लोगों की हजारों एकड़ जमीन छीन ली।”
कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “मैं झूठ नहीं बोलता। मैं जो कहता हूं, करके दिखा देता हूं। हमने पंजाब और कर्नाटक में किसानों का कर्ज माफ किया है। आप लोग वहां के किसानों से फोन कर पूछ सकते हैं। यहां भी हमारी सरकार बनी तो 10 दिनों में किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। हम बोनस भी देंगे। भाजपा ने वादा करके जो दो साल का बोनस नहीं दिया, वह भी हम देंगे।”
राहुल ने कहा, “कांग्रेस किसानों को मजबूत करना चाहती है। हम हर ब्लॉक में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाएंगे, जहां किसानों को अपनी फसल का सही दाम मिलेगा। छत्तीसगढ़ का भोजन पूरे देश में बंटेगा। तब देश में कहा जाएगा कि छत्तीसगढ़ देश को भोजन खिलाता है।”
dharmpath.com dharmpath